आरोपी अपनी वेबसाइट बनाकर और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को फोन कर झांसे में लेते थे। झांसे में आने के बाद ये लोग आवेदक से अलग-अलग बहाने से मोटी रकम वसूल लेते थे। इसके लिए ये लोग नामी जॉब पोर्टल से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डाटा चोरी करते थे। पुलिस को इनके एक दर्जन से ज्यादा बैंक खातों की भी जानकारी मिली है, जिसमें ये लोग पीड़ितों से रुपये ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस ने सभी खातों को फ्रीज करा बैंक से उनका विस्तृत ब्योरा मांगा है।
एक हजार में मिलता था 10 हजार लोगों का डाटा
देश में तेजी से बढ़ रही डाटा चोरी की वारदातें चिंताजनक हैं। हमारा गोपनीय डाटा बेहद कम कीमत पर और आसानी से उपलब्ध है। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह लोग नामी जॉब पोर्टल से एक हजार रुपये में दस हजार लोगों का गोपनीय डाटा लेते थे। एक दिन में ये लोग लगभग 800 लोगों को नौकरी के लिए फोन करते थे।
पुलिस को की घूस की पेशकश
बताया जा रहा है कि कॉल सेंटर पर छापा पड़ने के बाद संचालकों ने पुलिस से बचने के लिए घूस तक की पेशकश की। संचालक ने कुछ लोगों को थाने भेजा था। उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह से घूस लेकर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया। इस पर थाना प्रभारी ने उन्हें भी हवालात में डाल दिया।