आरोपियों की पहचान महिपालपुर निवासी यश महंत (26), अनिस (25), राहुल कुमार (20), अभिषेक सूद (23), चाणक्णपुरी निवासी विवियन माइकल (20), तुषार लाल (23), विशाल (24), ऋशभ कुमार (24), सफदरजंग एंक्लेव निवासी देवेश (23), पालम गांव निवासी अंकित झा (22), वसंत विहार निवासी आकाश (19), महिपालपुर निवासी दीपा (20) और सेक्टर-15 ए, फरीदाबाद, हरियाणा निवासी विकास अरोड़ा के रूप में हुई।
पुलिस इस मामले में रॉबिन की तलाश कर रही है। रॉबिन उन्हीं पीड़ितों के नंबर देता था। किसी भी आरोपी के खिलाफ पहले से कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कॉल सेंटर को करीब आठ महीने पहले खोला गया था। ये हर रोज तीन से चार लोगों के साथ ठगी करते थे। इस तरह ये अभी तक जर्मनी के करीब 500 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं।
पुलिस व सरकारी अधिकारी बनकर करते थे ठगी
आरोपी जर्मनी के लोगों को वीओआईपी कॉल कर ठगी करते थे। ये वीओआईपी कॉल करने के लिए एक्स लाइट एप का इस्तेमाल करते थे। आरोपी जर्मनी के लोगों को वॉइस मैसेज भेजते थे। वह मैसेज भेजकर जर्मनी के लोगों को कहते थे कि उनका राष्ट्रीय पहचान नंबर आपराधिक गातिविधियों में शामिल पाया गया है। अगर उन्हें आपराधिक गातिविधियों से नंबर हटवाना है तो उन्हें 500 से 1000 यूरो के ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड्स खरीदने होंगे। इसके बाद पीड़ित उन्हें फोन करते थे और आपराधिक गातिविधियों से नाम हटवाने के लिए तैयार हो जाते थे। पीड़ित 500 से 1000 यूरो के गिफ्ट वाउचर खरीद लेते थे। ये गिफ्ट वाउचर को कैश करा लेते थे।