बिसरख कोतवाली क्षेत्र में एसटीएफ-पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार इनामी बदमाश उमेश शर्मा उर्फ उमेश पंडित के दोनों पैरों में गोली लगी है। ताज्जुब की बात है कि फोर्स के लिए प्रयोग किए जाने वाला आधुनिक हथियार एके-47 आरोपी के कब्जे से मिला।
उमेश पंडित सरगना रणदीप भाटी गिरोह का शार्प शूटर है। वर्तमान में सक्रिय है और पहले भी दिल्ली समेत कई जगहों पर इनाम घोषित किया जा चुका है।
जब उमेश जेल में बंद था तो उसके पक्ष में तत्कालीन जारचा कोतवाली प्रभारी केके राणा ने कोर्ट ने सीए दाखिल कर दिया था। इसके बाद केके राणा के खिलाफ एसएसपी वैभव कृष्ण के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ अभी भी विभागीय जांच चल रही है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि एसटीएफ नोएडा यूनिट, बिसरख कोतवाली व नोएडा की सेक्टर 24 कोतवाली पुलिस को हिंडन पुलिस से उमेश पंडित के गुजरने की गोपनीय सूचना मिली। टीमें अलर्ट हो गईं।
बिसरख कोतवाली क्षेत्र के हिंडन पुस्ता के पास राय सिटी के सामने शाम करीब छह बजे टैक्सी की स्विफ्ट डिजायर कार से अमित कसाना के साथ अपने एक साथी से मिलने गांव रिठौरी जा रहा था। जांच कर रही टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने गाड़ी नहीं रोकी। पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली। दोनों तरफ से फायरिंग हुई।
जवाबी फायरिंग में उमेश पंडित के दोनों पैरों में गोली लगी हैं। एसएचओ बिसरख ने बताया कि मौके से अमित कसाना फरार हो गया। उमेश मूल रूप से गाजियाबाद लोनी के राम पार्क एक्सटेंशन का रहने वाला है। उसके कब्जे से एके 47 के अलावा, पिस्टल व कार बरामद की गई है।
जेल में बंद कुख्यात रणदीप भाटी के गिरोह का शूटर उमेश गिरोह के लिए रंगदारी वसूलता था। कुछ दिनों पहले उसने दादरी कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में घुसकर रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर मारने की धमकी दी थी।
सीओ एसटीएफ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि उमेश पंडित पर 15 से अधिक मुकदमें दर्ज है। उस पर यूपी के अलावा दिल्ली में भी मुकदमें दर्ज है। दिल्ली से भी वर्ष 2013 में उमेश पर 15 हजार का इनाम घोषित किया गया था। जिसके बाद दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने उसको गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उमेश जमानत पर बाहर आ गया था। अब उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।