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पीएफआई के 50 सदस्यों पर है नजर, कॉल डिटेल से खोलेगी हिंसा की साजिश के राज

Sun, 01 Mar 2020 06:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दंगे का दंश - फोटो : PTI
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उत्तर पूर्वी जिले की हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की नजर ऐसे 50 संदिग्धों के मोबाइल नंबरों पर है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दंगे की साजिश बहुत पहले बना ली गई थी। करीब 30-40 ग्रुप पर धार्मिंक भावनाओं से संबंधित मैसेज भेजकर भड़काने का आरोप है। ये विवादित वीडियो अब भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आतंकी साजिश के पहलू से भी जांच चल रही है। पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका के मद्देनजर भी जांच चल रही है।

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पुलिस की विभिन्न स्थानों की जांच में पता चला है कि फायरिंग में 32 और 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। लोकल अपराधी इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जरूरी नहीं कि दहशत मचाने वाले आतंकी बाहरी हों। इनमें देश के अंदर छिपे वे लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनका मकसद दो समुदायों के लोगों में भाईचारे को खत्म करना है। 

उधर, हिंसा मामले में करीब एक हजार लोगों के बयान दर्ज होने के बाद पूरा सच सबके सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें दंगा पीड़ित लोगों से लेकर चश्मदीद व पकड़े गए आरोपी हैं। पुलिस का कहना है कि यह हिंसा बड़े पैमाने पर हुई है। हिंसा वाले दिन इलाके में 453 संदिग्ध नंबरों पर पुलिस की जांच चल रही है। इनके उस इलाके में होने की वजह साफ नहीं हो पा रही है। 
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163 मुकदमे दर्ज, 550 से ज्यादा शिकायतें मिलीं
दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामले में विभिन्न थानों में 163 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, दंगे, सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने, आर्म्स एक्ट, पुलिस पर हमले सहित अन्य धाराएं लगाई गई हैं। अब तक 550 से ज्यादा लोग लिखित तौर पर अपने नुकसान और हमले को लेकर लिखित शिकायत दे चुके हैं। शिकायतें मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को अकेले गोकुलपुरी थाने में ही पुलिस के पास 50 शिकायतें आई थीं। पुलिस का कहना है कि मुकदमों और गिरफ्तारियों का आंकड़ा अभी बढ़ेगा।

दो हजार वीडियो फुटेज की जांच 
हिंसा को खुलेआम जिस तरह अंजाम दिया गया, उसकी फुटेज सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए करीब दो हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। पुलिस की कई टीमें केवल इसी की जांच में लगी हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे काफी वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो भड़काने का काम कर रहे हैं। पुलिस इन वीडियो की सत्यता की भी जांच कर रही है।

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