रखें सावधानी, हैक न हो जाए आपका ई-वॉलेट
- नेटवर्क हैंग होने से 16 बार हो रहे ट्रांजेक्शन
- दुकानदारों को भी हो रही दिक्कत
- गलत मोबाइल नंबर पर कट जा रहे रुपये
नोटबंदी के बाद जहां एक ओर पूरे देश में कैशलेस ट्रांजेक्शन का चलन शुरू हो रहा है। कैशलेस क्रांति पेटीएम, फ्री-चार्ज, मोबाइल बैंकिंग, नेट-बैंकिंग, ई-वॉलेट से जुड़कर आप स्मार्ट तो हो रहे हैं लेकिन इसका उपयोग जरा संभलकर करें। कई बार नेटवर्क हैंग होने, कोड न मिलने पर गलत मोबाइल नंबर पर पैसे चले जाने पर आपको अपने रुपये से हाथ भी धोना पड़ सकता है। शहरवासियों को इन दिनों इसी तरह की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
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ई-वॉलेट अभी तक सबसे सुरक्षित: पश्चिमी उत्तर प्रदेश एसटीएफ के डीएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि ई-वॉलेट उपयोग में आपका मोबाइल आपके पास रहने से अभी तक कोई खास हेराफेरी के मामले सामने नहीं आए हैं। हेराफेरी से बचने के लिए सबसे जरूरी अपने मोबाइल का डाटा हैक होने से बचाने की जरूरत है। विशेष रूप से फर्जी एसएमएस (आपके बैंक से आने वाले एसएमएस की तरह) आपके मोबाइल डाटा को हैक कर सकते हैं। उपयोग अधिक होने पर गड़बड़ियों की संभावना हो सकती है। पेटीएम, फ्रीचार्ज, मोआ जैसे ई-वॉलेेट की नकदी चार प्रकार से उपयोग होता है। जिनमें प्री-पेड (अपने अकाउंट से ई-वॉलेट में), पोस्ट पेड (डेबिट-क्रेडिट कार्ड से लिंक्ड), क्लोस बैंकिंग (अकाउंट से लिंक्ड नहीं) और ओपन बैंकिंग (अकाउंट से लिंक्ड) से लिंक्ड होते हैं।
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इन 5 बातों का रखें ख्याल :
1. ई-वॉलेट का उपयोग करने के बाद हमेशा लॉगआउट रहें। जिससे मोबाइल खोने पर कोई इसका उपयोग न कर सकें।
2. पासवर्ड कुछ दिनों में जरूर बदलें और कोई फेक या फर्जी एसएमएस आने पर जरा भी संदेह होने पर पासवर्ड बदलें।
3. अपने नाम या परिवार के नाम पर और डेट ऑफ बर्थ का पासवर्ड न रखें, हमेशा कठिन पासवर्ड रखें, जिससे पासवर्ड हैंकिंग होना मुश्किल हो।
4.अब समय है बदल लें अपना डेबिट-क्रेडिट कार्ड: अपने बैंक से संपर्क कर मैग्निटक स्ट्रिप वाले पुराने डेबिट-क्रेडिट कार्ड बदल लें। पुराने मैग्निटक स्ट्रिप वाले कार्ड में क्लोनिंग बड़ी आसानी से हो जाती है। ऐसे में नए आने वाले कार्ड में क्लोनिंग करना मुश्किल है। - राजकुमार मिश्र, एसटीएफ डीएसपी
5. बेसिक फोन वाले भी उपयोग कर सकते हैं ई-वॉलेट: अब ई-वॉलेट उपयोग करने वाले लोगों को स्मार्ट फोन रखना जरूरी नहीं है। ई-वॉलेट कंपनियों ने बेसिक फोन का उपयोग करने वालों के लिए अपना एक पिन नंबर बना सकते हैं। जिसके जरिए से मोबाइल नंबरों पर पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
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कुछ दिन पहले पांच हजार रुपये पेटीएम पर डाले थे, खाते से कट गए, लेकिन अभी तक पेटीएम में नहीं पहुंचे। एक बार खरीददारी करते समय गलती से किसी नंबर पर छह सौ रुपये चले गए। कई दिन से मोबाइल नंबर बंद हैष अब पैसे किससे वापस मांगें। - गौरव, छात्र
20 हजार रुपये की लिमिट खत्म होने पर अब आगे की बिक्री रुक गई है। लिमिट बढ़ने के लिए दो दिन पहले कॉल की थी लेकिन अभी तक लिमिट नहीं बढ़ी। - रूबी, दुकानदार
अक्सर नेटवर्क न मिलने की वजह से ई-वॉलेट उपयोग में दिक्कत आती है। कई बार नेटवर्क कम होने से कई ग्राहक वापस हो जाते हैं। - रितिक, दुकानदार
नेटवर्क में दिक्कत के चलते बार-बार प्रयास किया। पहले तो पता नहीं चला बाद में 16 बार खाते से पैसे कट गए। जानकार होने के कारण पैसे वापस आ गए नहीं तो मुश्किल होती। - अभिषेक, छात्