गुड़गांव। जिला परिषद के 15 पार्षद और 108 ब्लॉक समिति के सदस्यों के लिए
बृहस्पतिवार को मतगणना हुई। जिले के नए पार्षद और ब्लॉक समिति के सदस्य
मिले।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मतगणना हुई। पांचवें पंचायत चुनाव में
महिलाएं आरक्षित सीटों से आगे नहीं बढ़ पाईं। 10 सीटों पर पुरुषों और 5
सीटों पर महिलाओं ने कब्जा जमाया।
15 सीटों के 33.33 फीसदी सीटें पर ही
महिलाएं काबिज रहीं। द्रोणाचार्य कॉलेज में
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से मतगणना होनी थी, लेकिन अधिक कोहरे की वजह से यह
काम थोड़ी देरी से शुरू हुआ।
इस दौरान सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम थे।
500 मीटर दायरे में धारा-144 लगी थी। कड़ी सुरक्षा के पार्षद के लिए ईवीएम
से वोट की गिनती शुरू हुई, वहीं ब्लॉक समिति के लिए बैलेट पेपर खुलना शुरू
हुआ।
ईवीएम और बैलेट पेपर की गिनती के वक्त पोलिंग एजेंट को पूरी जांच
पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया गया। दोपहर एक बजे तक जिला पार्षद के लिए
रिजल्ट आने का सिलसिला शुरू हुआ।
मतगणना
केंद्र पर मौजूद उपायुक्त व जिला चुनाव रिटर्निंग अधिकारी टीएल सत्यप्रकाश
ने सर्टिफिकेट देकर उन्हें अधिकारिक तौर पर विजेता घोषित किया।
गांव सेवका में पुन्हाना से भाजपा समर्थक विधायक रहीशा खान की
बेटी तसलीम को सरपंच के चुनाव में पराजय का मुंह देखना पड़ा है।
इससे पहले
गत 17 जनवरी को विधायक का भतीजा व पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद का
बेटा भी अपने गांव में सरपंची का चुनाव हार चुका है।
बता
दें कि आजाद मोहम्मद के बेटे वसीम आजाद ने अपने पैतृक गांव नीमखेड़ा में
सरपंच चुनाव के लिए किस्मत आजमाई थी।
यहां पर गत 17 जनवरी को आए नतीजों में
उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। तावडू खंड के गांव सेवका में ब्याही
पुन्हाना की विधायक रहीशा खान की बेटी ने सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था।
पहले डायवर्जन और फिर जश्न बना मुसीबतपंचायत चुनाव की मतगणना को लेकर ट्रैफिक पुलिस की बदइंतजामी ने
बृहस्पतिवार को शहर वासियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। ट्रैफिक डायवर्जन और
उसके बाद प्रत्याशियों की जीत के जश्न को लेकर उमड़े जनसैलाब ने शहर को
जाम कर दिया।
इसमें वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे। शहर में बनी जाम की
स्थिति से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी जद्दोजहद करते नजर आए।
चुनावी
मतगणना के चलते ट्रैफिक पुलिस ने द्रोणाचार्य कॉलेज के दोनों रास्ते न्यू
रेलवे रोड और ओल्ड रेलवे रोड को बंद कर दिया। ट्रैफिक डायवर्जन की पहले कोई
सूचना नहीं दिए जाने से वाहन चालकों को परेशानी हो गई।
सोहना चौक,
शिवमूर्ति चौक प्रेम मंदिर से आगे वाहनों को जाने के लिए भूतेश्वर चौक और
खांडसा रोड से निकलना पड़ा। रेलवे स्टेशन, सेक्टर-चार, न्यू कॉलोनी,
राजेंद्रा पार्क, लक्ष्मण विहार की तरफ से आने वाले वाहनों को गुड़गांव
गांव और चिंतपूर्णी मंदिर के अंदर से सेक्टर-5 माता रोड होकर आना पड़ा।
बृहस्पतिवार
सुबह पीक आवर होने के कारण लोगों का रास्ता से निकलना भारी पड़ गया। करीब
दस मिनट के सफर डेढ़ घंटे में भी पूरा नहीं हुआ। हरियाणा रोडवेज की बसें भी
निकलना मुश्किल हो गया था।
सुबह दफ्तर पहुंचने वाले लोगों को आखिर में बस
से उतरकर जाना पड़ा। पीक ऑवर में कार और बाइक सवार के चौक-चौराहों और
गली-मोहल्लों से गुजरने कारण वहां भी जबरदस्त जाम लग गया, लेकिन शाम को
स्थिति और बिगड़ गई।
वार्ड-15 में जीत-हार का अंतर 26 वोट मतगणना
में सबसे रोचक वार्ड-15 का परिणाम रहा। चुनावी मैदान में उतरे छह
प्रत्याशियों के बीच पहले राउंड के बाद चार प्रत्याशी एक-दूसरे को टक्कर दे
रहे थे, लेकिन तीन राउंड के बाद सुशील सिंह चौहान और अशोक कुमार के बीच
कड़ी टक्कर शुरू हुई।
हर राउंड में ये दोनों एक-दो वोट से आगे पीछे चलते
रहे। अंत में सुशील सिंह ने 26 वोट से जीत दर्ज की। वहीं वार्ड-11 के
प्रत्याशी विजय पाल सबसे अधिक 2412 मत से जीते।
24663 मतदाता वाले इस वार्ड
में सात प्रत्याशी थे। शुरुआत में विजय पाल पीछे चल रहे थे, लेकिन उनसे
आगे बढ़ रहे प्रदीप को अधिक बढ़ोतरी नहीं मिली और धीरे-धीरे वे पिछड़ते चले
गए।
फिरोजपुर नमक से डॉ. हनीफ, घासेड़ा से
अशरफ, अड़बर से सनाउल्ला, कांग्रेस युवा लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष, ईंडरी से
कमल सिंह, सालाहेड़ी से अरसतून, खेड़ा खलीलपुर से संतलाल, शाहपुर नंगली से
फरजाना बेगम, बैंसी से अरसद, संगेल से राजेंद्र, छपेड़ा से रमेश, मेवली से
तैयब हुसैन, बजहेड़ा से गंगा राजावत, बड़का से अलीजान, खेड़ला से मंकेश्वर,
आकेड़ा से सुभाष, अलालपुर से नरेश, बड़ौजी से सुशर्मा सैनी, बारोटा से
अंजू कुमारी, आलदोका से बिजेंद्र देशवाल, आटा से आनंद कुमार, बाबूपुर से
सायरा बानो, बाई से बहन सरवरी, बाजड़का से आसिफ ने जीत हासिल की।
बसई से
रीना, बीवां से सारिका, भपावली से अरशीदा, भिरावटी से रामकिशन, बीबीपुर से
शमीना, चंदेनी से बिलकिश बेगम, छछेड़ा से मोनू देवी, छपेड़ा से रमेश, देवला
नंगली से मोहम्मद अली, धांधूका से जाकिर हुसैन, ढेकली से मुबारिक, दिहाना
से न्याज मोहम्मद, दुबालू से जगदेव, गजरपुर से आरिफ, गांगोली से महेंद्र
पाल, गोलपुरी से मोहम्मद कारी के सिर जीत का सेहरा बंधा।
हसनपुर से राकेश,
हिलालपुर से ऊषा शर्मा, हिरमथला से पूनम, हुसैनपुर से फारूना, जयसिंहपुर से
मोसिम, कैराका से सब्बो, कलिंजर से ताहिर, कालियाका से बीरपाल, कंवरसीका
से पूजा, खानपुर नूंह से हसन मोहम्मद, खेड़ा खलीलपुर से संतलाल खटाना,
खेड़ी कंकर से मोहम्मद एसपी, खेड़ली दौसा से महेश, किरा से जितेंद्र, किरंज
से मोहरपाल, किरंज जाटान पट्टी से राजेश, कोंतलाका से मोहम्मद वकील, कोटला
से साहिना, कुरथला से राजकुमार, कुतुबगढ़-मैलावास से निर्विरोध नारायण
सिंह शर्मा को चुना गया।
महरौला से वाहिद, मालब से अमजद, मानूबास से
सुशीला, मरोड़ा निदामपुर से शौकत अली, मेवली से तैयब हुसैन, मुरादबास से
हनसीरा, नल्हड़ से वसीम अकरम, नौसेरा से रूकैय्या ने जीत हासिल की। पल्ला
से जाहिदा बेगम, राहूका से सत्तार खान फौजी, रायपुरी से सद्दीक खान, रानीका
से परवीन बानो, रहना से अफसाना, रेवासन से नेहा, रिठौड़ा से ताहिरा बेगम,
रोजकामेव से खातूनी, सालाहेड़ी से अरसतूनी, सलम्बा से हलीमा, संगेल से
राजेंद्र, सादई से नफीसा, सुडाका से अफसरी, टांई से फकरूद्दीन, उदाका से
राहुल और ऊंटका से मोहम्मद आरिस विजयी हुए।