एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार, गत सप्ताह डेंगू के 499 मामले प्रकाश में आए। डेंगू का प्रकोप सबसे अधिक उसके नजफगढ़ और दक्षिणी जोन में देखने का मिल रहा है। गत सप्ताह के दौरान डेंगू के नजफगढ़ जोन में 76 और दक्षिण जोन में 72 मामले सामने आए। इस साल इन दोनों जोन में डेंगू के मामलों ने पांच सौ-पांच सौ का आंकड़ा छू लिया है, जबकि रोहिणी जोन और केशवपुरम जोन में डेंगू का प्रकोप काबू में दिख रहा है। इन दोनों जोनों में डेंगू के मामले बहुत ही कम प्रकाश में आए।
एमसीडी के अनुसार, डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख कारण बारिश के बाद रुके हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन का बढ़ना है। दिल्ली के कई इलाकों में सफाई और जल निकासी की समस्याओं के चलते मच्छरों का लार्वा लगातार पनप रहा है, जो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। पिछले सप्ताह ही स्वास्थ्य विभाग ने सात हजार से अधिक स्थानों पर डेंगू का लार्वा पाया। यह दर्शाता है कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है।
डेंगू के साथ मलेरिया और चिकनगुनिया का हमला
डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। गत सप्ताह मलेरिया के 43 मामले सामने आए और चिकनगुनिया के 25 मामले प्रकाश में आए। यह हालत तब है जब डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामुदायिक अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें लोगों को अपने आसपास के क्षेत्र की सफाई करने और मच्छरों से बचाव के उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बावजूद इसके, डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे दिल्ली के निवासियों में डर और असहजता का माहौल है।