दिल्ली सरकार का फैसला, सड़क, सीवर, पानी और दूसरी नागरिक सुविधाओं की योजना बनाने में मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली के 48 गांवों की पहचान अब ग्रामीण से शहरी क्षेत्र के रूप में बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने इन गांवों को शहरीकृत करने का निर्णय लिया है। इससे संबंधित क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों का आकलन कर व्यवस्थित विकास योजनाएं तैयार करने का आधार मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य गांवों को दिल्ली के बदलते शहरी स्वरूप के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। हालांकि, शहरी दर्जा मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी नागरिक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध हो जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्धारित नियमों, स्वीकृत योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी।
सड़क, पानी और सीवर पर बनेगी समन्वित योजना
शहरीकरण के बाद संबंधित गांवों में बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों का आकलन और नियोजन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। सड़कों और आंतरिक संपर्क मार्गों के विकास के साथ जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर समन्वित योजना बनाने का अवसर मिलेगा। इससे विभिन्न नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के बीच तालमेल स्थापित करने में भी मदद मिल सकती है। विकास कार्यों का क्रियान्वयन संबंधित एजेंसियों की मंजूरी और नियोजन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
मास्टर प्लान के अनुरूप पहल
सरकार का यह निर्णय दिल्ली के नियोजित विकास की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। गांवों के शहरीकरण की प्रक्रिया दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(ए) के तहत आगे बढ़ाई जाएगी। इससे संबंधित क्षेत्रों की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने और भविष्य की विकास योजनाओं का आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। भूमि उपयोग और निर्माण संबंधी गतिविधियों में लागू नियमों तथा आवश्यक मंजूरियों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उत्तर से दक्षिण तक 48 गांव शामिल
शहरीकृत किए जाने वाले गांवों में बकौली, पल्ला, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, सुल्तानपुर माजरा, बदरपुर माजरा, फतेहपुर बेरी, चंदनहोला, घुम्मनहेड़ा, बिजवासन, ढांसा, इस्सापुर, कैर, मुंडेला कलां और मुंडेला खुर्द समेत कुल 48 गांव शामिल हैं। ये गांव दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में स्थित हैं।
विरासत के साथ विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के गांव सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सरकार का लक्ष्य गांवों की पहचान का सम्मान करते हुए वहां रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और बेहतर नागरिक सुविधाओं की योजना बनाना है। शहरीकरण के बाद संबंधित विभाग और नागरिक एजेंसियां नियमानुसार विकास संबंधी जरूरतों पर आगे की कार्रवाई करेंगी।