दिल्ली की एक विधानसभा सीट राजौरी गार्डन उपचुनाव पर उतरे उम्मीदवारों का भाग्य शनिवार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गया। रविवार सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतदान के दौरान दिनभर छिटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो पूरी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपंन हो गई।
मगर मतदाताओं का उपचुनाव में बीते चुनाव जैसा जोश नहीं दिखा। यही वजह रहा कि उपचुनाव में महज 47 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। जबकि 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर 72.02 फीसदी ने मतदान किया था। जो इस बार 35 फीसदी कम है।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक रविवार सुबह से लेकर शाम छह बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलती रही। छह बजे के बाद भी कई बूथ पर लोगों की कतार रही जो कि सात बजे तक खत्म चली।
सभी पोलिंग बूथ पर इस बार ईवीएम के साथ वोटर वेरीफिकेशन पेरिफेरल ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) लगाया था। इसे लेकर भी कई पोलिंग बूथ पर दिक्कतें आई थी। बताया जा रहा है कि कुल 35 से 38 जगहों पर वीवीपीएटी को बदला गया।
इसी तरह छह जगह पर गड़बड़ी और शिकायतों के बाद ईवीएम मशीन को भी बदला गया। बताया जा रहा है कि कुछ पोलिंग बूथ पर मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में नहीं होने को लेकर नोकझोक भी हुई।