-सीएक्यूएम की 27वीं बैठक में दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बड़े फैसले
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन (सीएक्यूएम) की 27वीं बैठक में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्षता सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में डॉ. एसडी अत्री को सीएक्यूएम का फुल-टाइम टेक्निकल मेंबर फिर से नियुक्त करने पर ध्यान दिया गया। वहीं, आईआईटी, रिसर्च इंस्टीट्यूट्स और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के 33 डोमेन एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। रिपोर्ट में पाया कि दिल्ली में पीएम 2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक है। सर्दियों में इसका मुख्य स्रोत सेकेंडरी पार्टिकुलेट 27, परिवहन 23, बायोमास जलाना 20, धूल 15 और उद्योग और बिजली संयंत्र 9 फीसदी हैं।
कमीशन ने सीएएक्यूएमएस नेटवर्क को मजबूत करने और एनसीआर में 46 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का निर्णय लिया। साथ ही, पराली जलाने, कंस्ट्रक्शन वेस्ट, इंडस्ट्री एमिशन और ट्रांसपोर्ट प्रदूषण को कम करने के लिए नए ड्राफ्ट दिशा-निर्देश और एक्शन प्लान को मंजूरी दी। बैठक में एनफोर्समेंट टास्क फोर्स की कार्रवाइयों का रिव्यू भी किया गया और आरएफआईडी और एएनपीआर तकनीक के जरिये टोल प्लाजा पर वाहनों की भीड़ और एमिशन कम करने पर जोर दिया गया। सीएक्यूएम के अधिकारियों ने सभी लागू करने वाली एजेंसियों से लगातार कड़ी निगरानी और प्रभावी कार्रवाई करने की बात दोहराई।