यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर चक्का जाम करने जा रहे 43 किसानों को शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया गया है। एयरपोर्ट किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान जमीन अधिग्रहण से मिलने वाले मुआवजे की रकम के विरोध में टोल प्लाजा जाम करने जा रहे थे। हालात को संभालने के जेवर कस्बे व टोल प्लाजा के आसपास 10 थानों की पुलिस तैनात रही। पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
करीब एक वर्ष से नोएडा एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहण की जाने वाली जमीन की मुआवजा दरों में वृद्धि को लेकर किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान लगातार धरना दे रहे हैं। समिति के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने सोमवार को जेवर कस्बे में बाजार बंद कराने एंव यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा के पास चक्का जाम करने का एलान किया था।
सोमवार को किसान दयानतपुर शिव मंदिर पर एकत्र हुए और ट्रैक्टर एवं दो बसों में सवार होकर जेवर के लिए कूच कर गए। चक्का जाम की सूचना पर जेवर ढुढेरा गांव के बीच रास्ते में भारी पुलिस फोर्स के साथ अफसर मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर चक्का जाम नहीं करने की अपील की, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे।
मौके पर मौजूद एडीएम बलराम सिंह, एसपी देहात रणविजय सिंह, उपजिलाधिकारी जेवर गुंजा सिंह, एयरपोर्ट प्रभारी अधिकारी अभय कुमार सिंह ने किसानों को बस में बिठाकर हिरासत में लेते हुए पुलिस लाइन भेज दिया। उपजिलाधिकारी जेवर ने बताया कि किसान मानने को तैयार नही थे। जिसके बाद 43 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।