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4 साल के छात्र ने किया बच्ची का यौन शोषण, वो अब खाना चाहती है बहुत सारा खाना

Sat, 25 Nov 2017 10:38 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : डेमो फोटो
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दिल्ली के द्वारका में चार साल की बच्ची के साथ उसके ही क्लासमेट द्वारा किए गए यौन शोषण मामले में पीड़ित की मां ने एक राज खोला है। उन्होंने बताया है‌ कि कैसे उनकी चार साल की बच्ची को पता चला कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है।
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बच्ची की मां ने बताया कि मेरी बेटी इस बारे में इसलिए बात कर पाई और अपनी आपबीती बता पाई क्योंकि उसे 'गुड और बैड टच' में जानकारी दी गई थी। वह टच पहचानने में ट्रेन्ड है।

बच्ची की मां ने बताया है कि उसके क्लासमेट ने दो बार उसका यौन शोषण किया। एक बार वॉशरूम में उंगलियों से और दूसरी बार क्लास में पेंसिल की नोंक से। मां का आरोप है कि इसके बाद उनकी बच्ची काफी डर गई और आरोपी छात्र उसे अकेला छोड़ भाग गया।
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इसल‌िए खाना चाहती है बहुत सारा खाना

पीड़ित बच्ची की मां ये भी कहती हैं‌ कि मेरी बेटी भविष्य में ज्यादा मजबूत बनना चाहती है ताकि वो किसी भी शोषण करने वाले का मुकाबला कर सके।

बच्ची की मां कहती हैं, 'चूंकि मैंने अपनी बच्ची को अच्छे और बुरे टच के बारे में पहले से ही बताया है तो वो शुरू से ही जान गई थी कि उसके साथ जो हो रहा है वो गलत है। स्कूल में उसने लड़के को अपने से दूर करने के लिए धक्का भी दिया था। जब वो घर लौटी तो उसने बार-बार मेरा ध्यान अपने प्राइवेट पार्ट में हो रहे दर्द की ओर दिलाने की कोशिश की।'

पीड़ित की मां बताती हैं कि मेरी बेटी कहती है कि अब वो बहुत सारा खाना खाना चाहती है ताकि वो ताकतवर बने और अगर भविष्य में कोई भी उसके साथ गलत करने या उसे चोट पहुंचाने की कोशिश करे तो वो उसे पीट सके।
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बाहरी लोगों से नहीं कर रही बात

बच्ची की चोट अब धीरे-धीरे ठीक हो रही है लेकिन वो अब भी बाहरवालों से बात करने में कतरा रही है। उसकी मां कहती हैं कि दिल्ली महिला आयोग की कुछ सदस्य उसकी काउं‌सलिंग के लिए आई थीं लेकिन वह कुछ नहीं बोली। जब मैंने उससे बात की और बताया कि ये अच्छे लोग हैं तब जाकर उसने उनसे बात की। हालांकि बच्ची ने इस हफ्ते मजिस्ट्रेट से बात की थी।

मां का कहना है कि उनकी बेटी ने उस स्कूल में जाने से इंकार कर दिया है और वो भी उसे वापस वहां नहीं भेजेंगे। उनका कहना है कि, अगर वो उस स्कूल में उस क्लासरूम में पढ़ेगी तो उसे अपने साथ हुई घटना की गंभीरता का बार-बार एहसास होगा। उसे डर लगा रहेगा कि लोग उसे चिढ़ाएंगे या उसके साथ फिर ऐसा कुछ होगा और इस तरह उसका बचपन छिनने का डर है।

बच्ची की मां ने शिक्षा विभाग को तीन स्कूलों का नाम लिखकर भेजा है‌ कि उनमें से किसी भी तीन में उनकी बच्ची का एडमिशन कराया जाए। उनका कहना है कि हम वो सब कुछ करेंगे जिससे हमारी बच्ची वापस से नॉर्मल लाइफ जिए। हम उसका आत्मविश्वास फिर से लौटाएंगे।
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