एनजीटी ने डीजेबी की कार्रवाई पर जताई आपत्ति, मामले की अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पहाड़गंज इलाके के 393 होटल और गेस्ट हाउस अब भी बिना पाईजोमीटर लगाए भूजल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान डीजेबी ने एनजीटी को बताया कि जांच के दायरे में आए 555 होटल और गेस्ट हाउस में से अब तक केवल 162 में ही डिजिटल वाटर मीटर (पाईजोमीटर) लगाए गए हैं। बाकी 393 प्रतिष्ठानों में अब तक पाईजोमीटर नहीं लगे हैं।
एनजीटी ने कहा कि तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद केवल 162 प्रतिष्ठानों में पाईजोमीटर लगना संतोषजनक नहीं है। बिना पाईजोमीटर के यह पता नहीं लगाया जा सकता कि कितना भूजल निकाला जा रहा है और उसके अनुसार जल उपयोग शुल्क भी तय नहीं किया जा सकता। अधिकरण ने यह भी कहा कि डीजेबी ने नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का पूरा ब्योरा नहीं दिया है। रिकॉर्ड में केवल एक अंतिम नोटिस ही पेश किया गया है, जिससे कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
हालांकि, डीजेबी के वकील ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद एनजीटी ने बोर्ड को चार सप्ताह के भीतर नई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया। साथ ही, मामले में दायर दो अंतरिम आवेदनों की प्रतियां सभी पक्षों को उपलब्ध कराने और चार सप्ताह के भीतर उनके जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी।
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नितिन राजपूत