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360 डिग्री जैकेट से सैनिकों को नहीं छू सकेगी दुश्मन की गोली

Sat, 06 May 2017 09:45 AM IST
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
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सांकेत‌िक च‌ित्र - फोटो : अमर उजाला
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आतंकी और नक्सली हमलों के दौरान सैनिक-अर्धसैनिक बलों को दुश्मन की गोलियों से नई 360 डिग्री बुलेट प्रूफ जैकेट सुरक्षित रखेगी। सेना के लिए सुरक्षा उपकरण बनाने वाली स्टार वायर कंपनी में तैयार की गई यह नई जैकेट सैनिक का सिर, बाजू, कंधे और पीठ भी सुरक्षित रखेगी। केंद्र सरकार के निर्देश पर कंपनी ने यह जैकेट बनाना शुरू कर दिया है।
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कंपनी के निदेशक डॉ. एसके गोयल ने बताया कि नई 360 डिग्री जैकेट अभी तक भारत में तैयार बुलेट प्रूफ जैकेटों में सबसे सुरक्षित है। उनके मुताबिक कई बार बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के बावजूद बाजू से गोली लगने की वजह से जवान शहीद हुए।

इस समस्या को देखते हुए ही सीना और पीठ के अलावा बाजू और कंधों को भी बुलेट प्रूफ कवर दिया गया है। यह जैकेट गला और सिर भी सुरक्षित रखेगी। हालांकि यह पारंपरिक जैकेट से थोड़ा ज्यादा वजनी है लेकिन उनसे कहीं ज्यादा सुरक्षित। आमतौर पर आतंकी एके-47, एसएलआर या इंसास गन से हमला बोलते हैं। यह जैकेट इन सभी गोलियों का आसानी से बचाव करने में सक्षम है।
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डॉ. गोयल ने बताया कि गुजरात फोरेंसिक लैबोरेट्री अहमदाबाद और टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लैबोरेट्री (टीबीआरएल) में हुई टेस्टिंग में यह जैकेट पास हो चुकी है। जैकेट का इस्तेमाल सैनिक/अर्धसैनिक बल सिचाचिन जैसी जगहों पर जहां तापमान शून्य से भी नीचे होता है और पचास डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक तापमान वाले जैसलमेर के अलावा पानी, नम और दलदली जमीन पर भी करते हैं। टेस्टिंग के दौरान जैकेट इन सभी परिस्थितियों में पास हुई।

ज्यादा मजबूत फैंटम स्टील का हुआ है इस्तेमाल
इस जैकेट को हल्का और मजबूत बनाने के लिए टाइटेनियम और जिरकोनियम धातुओं के मिश्रण से बनी फैंटम स्टील का इस्तेमाल किया गया है। यह धातु स्टील से धनत्व में आधी लेकिन मजबूती में पांच गुना अधिक होती है। केवलार फैब्रिक से तैयार इस जैकेट में फैंटम स्टील की बुलेटप्रूफ प्लेट डाली गई है। गोयल के मुताबिक केंद्र सरकार अब इसी तरह की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने का ऑर्डर दे रही है।

दुश्मन की गोलियां होंगी फेल
डॉ. एसके गोयल के मुताबिक एके-47 की गोली का वेग 730 मीटर प्रति सेकेंड होता है जबकि एसएलआर 7.62 एमएम की गोली 840 मीटर प्रति सेकेंड की गति से निकलती है। एक निश्चित दूरी से चलाई गई गोली का दबाव नब्बे किलोग्राम प्रति सेंटीमीटर होता है। लैबोरेट्री में टेस्टिंग के दौरान जैकेट के सभी हिस्सों ने इंसास, एके-47 और एसएलआर से चलाई गई गोलियों को सुरक्षित ढंग से रोका।

विदेशी सैनिक भी पहनते हैं मेड इन इंडिया जैकेट
स्टार वायर कंपनी की बुलेट प्रूफ जैकेट अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ लडने वाले अमरीका के सैनिकों ने पहनी थी। कंपनी ने यूएस आर्मी को 24 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट सप्लाई की थीं। डॉ. गोयल ने बताया कि उनकी जैकेट यूएसए की व्हाइट लैबोरेट्री के टेस्ट भी पास कर चुकी है। अमेरिकी सैनिकों के साजोसामान की सुरक्षा परखने वाली इस लैब से पास होने के बाद ही उन्हें 24 हजार जैकेट का ऑर्डर मिला था।
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