फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंधेरगर्दी: 33 साल बाद भी नहीं मिला प्लॉट

Fri, 17 Jan 2014 06:23 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली विकास प्राधिकरण की रोहिणी अवासीय प्लॉट स्कीम को 33 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी भी सफल आवेदकों को अपने-अपने प्लॉट का कब्जा नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन


इसके विरोध में बृहस्पतिवार को सैकड़ों सफल आवेदकों ने गांधीगीरी कर डीडीए मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि उनकी गांधीगीरी काम नहीं आई और उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला।  

आवेदक शांति मार्च लेकर बृहस्पतिवार दोपहर डीडीए मुख्यालय पर पहुंचे। गांधीगिरी अपनाते हुए फूल-माला लेकर वे डीडीए अधिकारियों से मिले और अपनी मांगें रखी। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और महिला शामिल थे।
विज्ञापन


उनके हाथों में डीडीए के खिलाफ लिखी तख्तियां थीं। जिसके माध्यम से वे डीडीए से सवाल करते दिखे कि दादा ने प्लॉट के लिए आवेदन किया, पोता कब अपने प्लॉट पर मकान बनाएगा? मालूम हो कि वर्ष 1981 में लांच हुई इस योजना के 33 साल बाद भी सफल आवेदकों को प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया।

प्रदर्शनकारी डीडीए पर धोखा देने और गुमराह करने का आरोप मढ़ रहे थे। काफी देर नारेबाजी करने के बाद भी वे डीडीए उपाध्यक्ष से नहीं मिल पाए। मुश्किल से मुख्य आयुक्त से मिल कर अपनी परेशानी बयां की।
विज्ञापन


प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राहुल गुप्ता ने बताया कि डीडीए की तरफ से 33 साल बाद भी ठोस नतीजा नहीं आया। डीडीए अधिकारी टालमटोल ही कर रहे हैं। सफल आवेदकों को बिना बताए प्लॉट नंबर भी बदल दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें