सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का रिजल्ट एक हफ्ते पहले जारी करेगा। बोर्ड परीक्षाओं में अभी तक दस फीसदी वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते थे। हालांकि इस बार छात्रों के पास 33 फीसदी प्रश्नों का विकल्प होगा। यानी ए की बजाय बी जैसे विकल्प होंगे। इसके अलावा रचनात्मक तरीके से उत्तर लिखने वाले छात्रों के अंक नहीं कटेंगे।
परीक्षाओं को मुन्ना भाइयों से बचाने के लिए सीबीएसई परीक्षा पत्र की जियो टैगिंग कर रहा है। इससे बोर्ड प्रश्न पत्र की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग करता रहेगा। इसमें अधीक्षक के सुरक्षित स्थान से प्रश्न पत्र लेने, परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र खोलने, वितरित करने से लेकर उत्तर पुस्तिका को वापस सील करने की पल-पल की पूरी जानकारी वीडियो फुटेज के साथ बोर्ड के पास पहुंचेगी। पहली बार एडमिट कार्ड में अभिभावकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का रिजल्ट एक हफ्ते पहले जारी करेगा। परीक्षाओं को मुन्ना भाइयों से बचाने के लिए सीबीएसई परीक्षा पत्र की जियो टैगिंग कर रहा है। इससे बोर्ड प्रश्न पत्र की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग करता रहेगा। इसमें अधीक्षक के सुरक्षित स्थान से प्रश्न पत्र लेने, परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र खोलने, वितरित करने से लेकर उत्तर पुस्तिका को वापस सील करने की पल-पल की पूरी जानकारी वीडियो फुटेज के साथ बोर्ड के पास पहुंचेगी। पहली बार एडमिट कार्ड में अभिभावकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
दिल्ली स्थित सीबीएसई मुख्यालय में बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की जानकारियां सांझा की। अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, दसवीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 31,14,831 छात्र बैठेंगे। इसमें दसवीं कक्षा में 18,27,472 छात्र और 12वीं कक्षा में 12,87,359 छात्र बैठेंगे। इसके अलावा पहली बार 28 ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों की 21 श्रेणियां शामिल की गई हैं। देशभर में 4974 परीक्षा केंद्र और 17 देशों में 78 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। तीन लाख अधिकारी परीक्षाओं की निगरानी करेंगे।
इस बार एडमिट कार्ड में अभिभावक के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। उल्लेखनीय है कि 12वीं बोर्ड की वोकेशनल विषयों की परीक्षा 15 फरवरी व मुख्य विषयों की चार मार्च से शुरू हो रही है, जबकि दसवीं कक्षा के वोकेशनल विषयों की परीक्षा 21 फरवरी व मुख्य विषयों की परीक्षा सात मार्च से शुरू होगी।
रचनात्मक ढंग से उत्तर लिखने पर नहीं कटेंगे अंक
कई छात्र परीक्षाओं में प्रश्न का सीधे ढंग की बजाय रचनात्मक ढंग से उत्तर लिखते हैं। हालांकि उत्तर सही होने पर भी उनके अंक काट दिए जाते थे। इसी के चलते बोर्ड ने एक लाख मूल्यांकन कर्ताओं को विशेष ट्रेनिंग दी है, ताकि वे क्रिएटिव उत्तर को सही अंक दे सकें। बोर्ड परीक्षाओं में अभी तक दस फीसदी वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते थे। हालांकि इस बार छात्रों के पास 33 फीसदी प्रश्नों का विकल्प होगा। यानी ए की बजाय बी जैसे विकल्प होंगे। इसके अलावा रचनात्मक तरीके से उत्तर लिखने वाले छात्रों के अंक नहीं कटेंगे।