सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह मरीजों ने डॉक्टरों पर 15 मिनट पहले ओपीडी बंद करने का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया।
मरीजों का कहना था कि जनरल सर्जरी और हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में कोई भी डॉक्टर नहीं था और 300 मरीज बिना इलाज के लौट गए।
गुरु गोविंद सिंह की जयंती के चलते मंगलवार को अवकाश था, जिस कारण ओपीडी सुबह 11 बजे तक थी। मरीजों को अवकाश की जानकारी नहीं थी और सुबह 11 बजे के पहले रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या भी अधिक थी।
फिजीशियन की ओपीडी में पहुंचे आकाश ने कहा कि उनके मरीज का पंजीकरण हो गया था, लेकिन सुबह 10:45 बजे ओपीडी में डॉक्टर ही नहीं था।
जनरल सर्जरी विभाग में पहुंचे एक मरीज ने कहा कि 10:30 बजे डॉक्टर नहीं मिले। बताया गया कि एक डॉक्टर पोस्टमार्टम में है, जबकि दूसरा ऑपरेशन थिएटर में है।
हड्डी विभाग के रोगियों ने बताया कि एक डॉक्टर के ऑपरेशन थिएटर और दूसरे डॉक्टर के छुट्टी पर होने की जानकारी दी गई।
डेढ़ बजे तक चली नेत्र की ओपीडी
नेत्र रोग की ओपीडी दोपहर डेढ़ बजे तक चली। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ए शमी खान ने बताया कि मरीजों की संख्या अधिक थी। ऐसे में जब तक मरीज आते रहे वह ओपीडी में बैठे रहे।