पिछले तीन महीने में 18 बार भूकंप के झटके झेल चुकी देश की राजधानी दिल्ली में 300 के करीब इमारतें भूकंप सहने में सक्षम नहीं हैं। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण( डीडीए) द्वारा ऐसी इमारतों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें व्यवसायिक इमारतों से लेकर सोसाइटी में बनी इमारतें तक शामिल हैं।
लॉकडाउन में भूकंप के झटकों से दहली दिल्ली में इमारतों की सरंचनात्मक मजबूती को लेकर अदालत द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद दिल्ली के तीनों नगर निगम और अन्य सरकारी एजेंसियां भूकंप के तेज झटकों से निपटने के लिए इमारतों के ऑडिट रिपोर्ट को तवज्जो दे रही है। इसके तहत संपत्तिधारकों को अपनी इमारतों का किसी सरकारी संस्थान के अभियंता से ऑडिट करा ऑडिट रिपोर्ट को विभाग में जमा कराना है।
साथ ही यदि अभियंता द््वारा इमारत में संरचनात्मक खामी पाई जाती है तो ऐसी स्थिति में भी संपत्ति मालिक को इमारत को ठीक कराना होगा। इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट को संबंधित विभाग को जमा कराना है। इसी कड़ी में डीडीए द्वारा 300 के करीब ऊंची और व्यवसायिक इमारतों की सूची तैयार की गई है। इनमें से कुछ इमारतों को नोटिस भी जारी किया जा रहा है। यह सभी इमारतें मार्च 2001 से पहले बनी हुई हैं।
गौरतलब है कि पिछले तीन महीने में 18 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इसमें दो बार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता चार से अधिक दर्ज की गई थी। यही कारण है कि एक दिन पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा राजधानी को भूकंप के नुकसान से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।