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लॉकडाउन के कारण अक्षय तृतीया को होने वाली 30 हजार शादियां टाली

Tue, 14 Apr 2020 02:43 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- लॉकडाउन के कारण हजारों लोगों को बदलनी पड़ी शादी की तारीख

- 26 अप्रैल को बुध और सूर्य के मेल के बाद फिर से लौटेगी सुख समृद्धि
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
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विस्तार
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भारतीय सनातन पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया तिथि को वर्ष का सबसे शुभ मुहूर्त होता है। इस मुहूर्त में किया गया प्रत्येक शुभ कार्य सफल व मंगलदायक होता है। इसलिए अक्षय तृतीया को बड़ी संख्या में लोग विवाह करते हैं। कहते हैं इस तिथि को उन लोगों का विवाह हो जाता है, जिनकी कुंडली में विवाह का योग नहीं बन रहा होता। आने वाले 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, इस तिथि को दिल्ली में ही लगभग 30 से 40 हजार शादियां होनी थीं, जिन्हें लॉकडाउन के कारण टालना पड़ा।

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आचार्य पंडित बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि अक्षय तृतीया को ही भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मनाया जाता है। इस तिथि को सूर्य और बुध का मेल होता है। मानव कल्याण के मुताबिक सभी ग्रहों की स्थिति ठीक हो जाती है, जिसके कारण भगवान इंद्र भी प्रसन्न होते हैं। 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन सुबह 5.45 से दोपहर 12.19 तक साल का सबसे शुभ मुहूर्त है। इस तिथि को उन्हें आठ लोगों के विवाह का निमंत्रण मिला था। लॉकडाउन के कारण यह सभी विवाह टाल दिए गए हैं। विवाह टलने से ना केवल उन लोगों का नुकसान हुआ है जिनका विवाह होना था, बल्कि व्यापारियों, बैंड वालों शादी मंडप वालों और उससे जुड़े बहुत से लोगों का मिलाकर करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ है।

जगतपुरी की रीना ने बताया अक्षय तृतीया के मौके पर उनके बेटे सोमिल का विवाह तय हुआ था। बारातघर, बैंड बाजे और गानों की बुकिंग हो चुकी थी लेकिन विवाह टल जाने के कारण उनके पैसे जगह-जगह पर फंस गए हैं। लगभग ऐसी ही हालत पांडव नगर के विश्व कपूर की भी है। जिनका विवाह अक्षय तृतीया को होना था।
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अक्षय तृतीया के बाद बदलेगी स्थिति
कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सुरेश और पंडित बृजेश कुमार मिश्रा के अनुसार अक्षय तृतीया के बाद स्थिति में सुधार होने लगेगा। कोरोना का असर भी कम होने लगेगा। इन्होंने बताया कि 27 दिसंबर को संपूर्ण सूर्य ग्रहण लगने के बाद से ही हवा में सूक्ष्म जीवाणु हावी होने लगे थे। पंचांग में भी इसकी व्याख्या की गई है। सूर्य ग्रहण के बाद से ही शनि का राहु से मेल हो गया था। शनि का स्थान इंसान की नाक और मुंह है। इसके कारण मनुष्य पर कोरोना का प्रभाव बढ़ गया। अब 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में और बृहस्पति मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 26 अप्रैल को बुध और सूर्य का मेल होगा जिससे आदित्य योग बनेगा। इसके बाद सुख-समृद्धि वापस लौटेगी।

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