वायु प्रदूषण और बिगड़ैल जीवनशैली दिल्ली वालों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इसके कारण जानलेवा बीमारी कैंसर किस तरह अपना शिकंजा कस कर रहा है। इसका खुलासा राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री की रिपोर्ट में हुआ है। देश की राजधानी में कैंसर हर दिन 30 लोगों की जिंदगी ली रहा है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत इससे हुई है। वर्ष 2015 से राजधानी में लगातार कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
रिपोर्ट में देश भर की कैंसर को स्थिति बताई है, लेकिन दिल्ली को लेकर रिपोर्ट में स्पष्ट कारणों में वायु प्रदूषण और असंतुलित जीवनशैली को बताया है। बीते दिनों राज्यसभा में इस रिपोर्ट पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने चिंता जताई। बीते चार साल में राष्ट्रीय स्तर की बात करें तो करीब 1.98 लाख मरीजों में इजाफा हुआ है, जबकि कैंसर के चलते मरीजों की मौत में एक लाख की वृद्धि हुई है।
साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा कहते हैं कि कैंसर रजिस्ट्री की रिपोर्ट वाकई भयावह स्थिति से अवगत करा रही है। अब दिल्ली में वायु प्रदूषण और लोगों के खानपान का बाहरी असर दिखने लगा है। अगर वक्त रहते सबक नहीं लिया तो अगले पांच साल में ये आंकड़े और भी ज्यादा रोंगटे खड़ा करेंगे।
क्या कहती है रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 से 2018 के बीच दिल्ली के लोगों में कैंसर तेजी से फैला है। जिसके चलते अस्पतालों में कैंसर मरीज और मौतें बढ़ी हैं। वर्ष 2015 में राजधानी में 19,168 कैंसर मरीज सामने आए जबकि 2016 में 20 हजार, 2017 में 20,899 और 2018 में 21,821 लोग इसकी चपेट में आए हैं। जाहिर है कि पिछले दो वर्ष में औसतन सालाना हजार मरीज बढ़ने लगे हैं। वहीं 2015 में 9,699, 2016 में 10,127, 2017 में 10,533 और 2018 में 11,039 कैंसर मरीजों की मौत हुई है।
कैंसर की चपेट वाले शीर्ष 4 राज्य
राज्य मरीज (लाख में) मौतें
यूपी 2.70 1.36 लाख
बिहार 1.45 73,361*
महाराष्ट्र 1.44 72,762*
बंगाल 1.17 59,154*
(*2018 में हुईं कैंसर मरीजों की मौतें हजार में)