सेक्टर-3 में एकल यूनिट के प्लाट पर 27 फ्लैटों के निर्माण का मामला सामने आया है। इस मामले में बिल्डर ने आरोपी इंजीनियर से साठगांठ कर न सिर्फ बिना नक्शे के बेसमेंट खोद दिया, बल्कि चार मंजिला बिल्डिंग खड़ी कर दी। नाक के नीचे अवैध निर्माण होने के बावजूद आवास विकास परिषद के स्थानीय अधिकारियों ने न तो फ्लैट सील किए और न ही एफआईआर दर्ज करवाई। अमर उजाला में सेक्टर-3 के अवैध निर्माण की खबर प्रकाशित होने के बाद आवास आयुक्त ने मामले में जांच बैठा दी है।
पांच जनवरी के अंक में अमर उजाला ने आवास विकास परिषद के इंजीनियर द्वारा अवैध निर्माण कराने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद आवास आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। दरअसल, वसुंधरा सेक्टर-3 के लोगों ने पिछले दिनों आवास विकास परिषद को शिकायत दी थी कि एक 300 वर्गमीटर के प्लाट पर बिल्डर अवैध निर्माण करा रहा है।
आरोप है कि बिल्डर दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में टीचर है। उसने परिषद के एक इंजीनियर के साथ साठगांठ कर एक प्लॉट पर 27 फ्लैट खड़े कर दिए हैं। अन्य प्लाटों पर भी उक्त इंजीनियर ही अवैध निर्माण करवा रहा है। आवास आयुक्त मोहम्मद शाहबुद्दीन ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद अधीक्षण अभियंता को जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोप सही साबित होने पर कार्रवाई की जाएगी।
नियमानुसार एकल यूनिट प्लाट पर सिर्फ ढाई मंजिल तक निर्माण किया जा सकता है। इतना ही नहीं एक फ्लोर पर सिर्फ एक किचन बनाई जा सकती है। मगर बिल्डर ने एक फ्लोर पर 4 से 6 फ्लैट बनाए हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि फोर्स मिलते ही बिल्डिंग को सील कर दिया जाएगा।