जेएनयू और खेलो भारत की ओर से तीन दिवसीय खेल महोत्सव का आयोजन हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित जेएनयू ओलंपिक 2.0 में 2500 छात्रों ने अलग-अलग खेलों में प्रतिभा का दम दिखाया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जेएनयू और खेलो भारत की ओर से तीन दिवसीय खेल महोत्सव का आयोजन हुआ था। बृहस्पतिवार को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। एबीवीपी जेएनयू के अनुसार ओलंपिक 2.0 में इस वर्ष 2500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1600 के करीब थी। वॉलीबॉल, बैडमिंटन, फुटबॉल, एथलेटिक्स (100 मीटर, 400 मीटर दौड़) गोला फेंक और लंबी कूद जैसी स्पर्धाओं में 500 से अधिक पदक (स्वर्ण, रजत और कांस्य) विजेताओं को सम्मानित किया गया।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि जेएनयू ओलंपिक केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में युवाओं को अनुशासित करने का एक महाअभियान है। खेल हमें हार को स्वीकार करना और जीत के लिए निरंतर परिश्रम करना सिखाते हैं। जेएनयू का छात्र जिस उत्साह के साथ मैदान पर उतरा है। वह इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रवादी विचारधारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। एबीवीपी का ध्येय परिसरों में नकारात्मकता को समाप्त कर सकारात्मक और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाना है।
उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम जैसे प्रयास न केवल छात्रों के स्वास्थ्य में सुधार करेंगे बल्कि उनमें टीम वर्क और राष्ट्र प्रथम की भावना को भी पुख्ता करेंगे। जो एक विकसित भारत के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित दीपक निवास हुड्डा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जेएनयू जैसे संस्थान में खेलों के प्रति ऐसा जुनून देखना सुखद अनुभव है। एबीवीपी जेएनयू इकाई के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ खेलों में भी अपना परचम लहराना चाहते हैं।