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गंतव्य तक पहुंचकर भी सामान से लदे हुए हैं 25 फीसदी ट्रक

Thu, 09 Apr 2020 12:51 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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ट्रक - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन के दौरान देशभर के अलग-अलग हिस्सों में सामान से लदे 25 फीसदी ट्रक और छोटे मालवाहक वाहनों के पहिये थम गए हैं। इससे न केवल ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि मजदूरों की कमी की वजह से ड्राइवर भी गाड़ियों को छोड़कर जाने लगे हैं। अभी भी देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 हजार से अधिक ट्रकों के रुके होने से ट्रांसपोर्टर नुकसान की भरपाई के लिए चिंतित हैं।
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दिल्ली से रोज 50 हजार ट्रकों का आवागमन होता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अधिकतर सामान भेजा जाता है। लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामान लेकर जाने वाले वाहनों को राहत मिलने से गंतव्य तक तो सामान पहुंच चुका है, लेकिन अनलोडिंग न होने की वजह से आगे का काम रुक गया है।

दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र कपूर के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान 25 फीसदी ट्रक और छोटे वाहन गंतव्य तक पहुंचकर भी सामान से लदे हुए हैं। मजदूरों और ड्राइवरों की कमी की वजह से मुश्किलें बढ़ रही हैं। इससे नुकसान भी बढ़ता जा रहा है, कारोबार थमने के साथ- साथ लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी गाड़ियां पटरी पर कब लौटेंगी, इसका पता नहीं।
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ट्रांसपोर्टर प्रदीप सिंघल के मुताबिक, ट्रकों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ड्राइवरों की कमी है तो पहुंचने के बाद भी जरूरी सामान खाली न होने की वजह से न तो जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि काम ठप होने लगा है। नजदीकी प्रदेशों में भी सामान पहुंचने के बाद भी ट्रकों को खाली न किए जाने की वजह से दोनों पक्षों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अगर लंबे समय तक हालात ऐसे रहे तो सप्लाई चेन मैनेजमेंट में अस्थिरता पैदा हो सकती है।
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