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निकिता हत्याकांड: हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाएंगे 25 सबूत, आज दाखिल होगी चार्जशीट

Fri, 06 Nov 2020 04:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा कैलाश गठवाल, फरीदाबाद
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nikita murder case - फोटो : अमर उजाला
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बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी ने 25 ऐसे मजबूत जुटाए हैं जो आरोपियों को फांसी के फंदे तक ले जा सकते हैं। इन साक्ष्यों में मुख्य रूप से घटना स्थल की सीसीटीवी की फुटेज, वारदात में इस्तेमाल तमंचा, आरोपियों के हाथ में लगा गन पाउडर, कपड़ों के साथ ही कार की फोरेंसिक रिपोर्ट को शामिल किया गया है। 

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निकिता हत्याकांड के 11वें दिन ही एसआईटी ने चार्जशीट पूरी कर ली। बृहस्पतिवार को जिला न्यायवादी के सामने पेश किया गया। एसआईटी इस चार्जशीट को शुक्रवार को कोर्ट में दाखिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने चार्जशीट में 25 पुख्ता साक्ष्यों के साथ ही 70 लोगों को गवाह बनाया है।

छह सौ पेज की चार्जशीट इस पूरे मामले को अंजाम तक पहुंचाने में मददगार होगी। जांच टीम ने पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी करने के लिए दो साल पहले हुए अपहरण कांड को इस केस में शामिल नही किया है। उसकी जांच व कार्रवाई अलग से की जा रही है। हालांकि चार्जशीट में पुराने केस को भी आधार बनाया जा रहा है। 
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मामला काफी चर्चित होने के कारण जांच टीम चार्जशीट को दाखिल करने में समय नही गंवाना चाहती थी। टीम ने हत्या के दिन निकिता के भाई नवीन द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई एफआईआर को ही आधार बनाया है। इसमें अलग से कुछ नही जोड़ा गया है।

मामले में तीन लोग ही आरोपी बनाए गए हैं, जिसमें हथियार उपलब्ध कराने वाले अजरुद्दीन को षड्यंत्र में शामिल होना व आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बनाया है। तौसीफ व रेहान को हत्या, आर्म्स एक्ट, षड्यंत्र रचना जैसी संगीन धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। जांच टीम इस मामले में करीब 70 लोगों की गवाही दिलाएगी, जिसमें डॉक्टर, फ़ॉरेंसिक टीम, फोटोग्राफर, चश्मदीद आदि शामिल होंगे। 

टीम ने मौके से मिले तमंचे की फॉरेंसिक जांच कराई है। इसके साथ ही तौसीफ के हाथों पर लगा गन पाउडर, निकिता को लगी गोली, गाड़ी से तौसीफ और रेहान की उंगलियों के निशान, आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन आदि। इन सब का आपस में संबंध जोड़ते हुए एसआईटी ने मामले की कड़ी जोड़ने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है।

सभी तथ्यों को एक दूसरे से जोड़ते हुए पुख्ता सबूत तैयार किए गए हैं। एसआईटी का दावा है कि इस केस में उन्होंने इतने ठोस सबूत और गवाह एकत्रित किए हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए काफी होंगे। 

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