नोएडा के बिल्डरों पर प्राधिकरण का 2400 करोड़ रुपये बकाया है। इसे लेकर प्राधिकरण ने नोटिस भी जारी किया, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
विगत वर्षों में बिल्डरों को मात्र दस फीसदी भुगतान पर जमीन आवंटित कर दी गई। बाकी धनराशि के भुगतान के लिए किस्त बना दी गई। इस पर भी बिल्डर समय से भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
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मौजूदा समय में सिर्फ ग्रुप हाऊसिंग भूखंडों पर ही 2400 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सिर्फ एक बिल्डर पर 1600 करोड़ रुपये है।
सेक्टर 119 में दो बिल्डरों पर करीब डेढ़ सौ करोड़ और बिल्डर के सेक्टर 115 के प्रोजेक्ट के एवज में 300 करोड़ का बकाया है। इसे पाने के लिए प्राधिकरण ने नोटिस भी जारी किया, मगर कोई फर्क नहीं पड़ा।
यहां तक कि रिशेड्यूलमेंट का प्लान भी बोर्ड से अप्रूवल लेकर प्राधिकरण ने लागू किया, मगर आधा दर्जन बिल्डर ऐसे हैं जिन्होंने इस प्लान को भी नहीं लिया। इस प्लान के तहत पुरानी बकाया किस्तों को भुगतान करने के लिए नए सिरे से किस्तें तय कर दी जाती हैं। इन बिल्डरों के भूखंड सेक्टर 97, 98, 115, 118 व 119 में स्थित हैं।