सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राजधानी के 13 हॉट स्पॉट पर सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने 23 औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया। पिछले तीन दिनों के दौरान कई जगहों से मलबा (1600 टन) हटाया गया। जबकि कई क्षेत्रों में सड़कों के गड्ढों को भरा गया। ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्रदूषण के लिए तय मानकों की अनदेखी करने पर 52 चालान किए गए हैं।
इस मामले में प्रदूषण पर शिकंजा कसने में बरती जा रही लापरवाही को देखते हुए ईपीसीए के अध्यक्ष भूरेलाल ने वजीरपुर, अशोक विहार, पंजाबी बाग, द्वारका, आरके पुरम क्षेत्र में 8 नवंबर को कार्रवाई की थी। 3 नवंबर को नरेला, बवाना, जहांगीरपुरी और मुंडका क्षेत्र में उनके दौरे के बाद मिली कमियों के बाद यह कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के दौरान कूड़ा जलाने की 10 घटनाओं पर शिकंजा कसा गया जबकि 150 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा भी बरामद किया गया। प्रदूषण फैलाने वाली 23 इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने इन्हें सील कर दिया है। योजना विहार, सूरजमल विहार, मानसरोवर पार्क, सुल्तानपुर रोड, मुंडका और कराला रोड, अलीपुर रोड के गड्ढों को भरा गया ताकि प्रदूषण में और बढ़ोतरी नहीं हो। उधर, ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नियमों की अनदेखी करने पर 52 चालान किए गए हैं।
प्रदूषण फैलाने पर 360 चालान काटे
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने प्रदूषण फैलाने और कूड़ा जलाकर नियमों का उल्लंघन करने पर 16 मामलों में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। निगम ने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्ती करते हुए 360 चालान किए हैं। कार्रवाई के तहत 15.56 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, 1788 स्थानों का निरीक्षण करने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया।