रोडवेज बसों की फिटनेस का मानक 11 साल और 11 लाख किलोमीटर है। जो बस दोनों मानक को पूरा कर लेती हैं, उनको सड़कों से हटा लिया जाता है। इस समय नोएडा और ग्रेनो डिपो की ज्यादातर बसें 11 साल के मानक को पूरा कर चुकी है। यें बसें अगले साल तक 11 लाख किलोमीटर चलने का मानक भी पूरा कर लेंगी।
नए रूटों का होगा संचालन
नई बसों के आने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा डिपो में बसों की संख्या अच्छी हो जाएगी। दोनों डिपो से कई नए रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा। ग्रेनो डिपो ने बदायूं, सहारनपुर, बड़ौत आदि रूटों पर बसें चलाने की तैयारी शुरू भी कर दी है। इन रूटों का सर्वे कराया जा रहा है।
‘मुख्यालय से नोएडा रीजन को 200 नई सीएनजी बसें मिली हैं। इनमें से नोएडा और ग्रेनो डिपो को कितनी बसें मिलेंगी, इसका आवंटन नहीं हुआ है। अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नई बसें आनी शुरू हो जाएंगी।’
- एसके वर्मा, एआरएम नोएडा