इसी कोठी में हुई दोनों मजदूरों की मौत
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सिविल लाइंस इलाके की एक कोठी के सर्वेंट क्वॉर्टर में बृहस्पतिवार सुबह दो लोगों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पुलिस व फोरेंसिक जांच में पता चला कि दोनों की दम घुटने से मौत हुई। ठंड से बचने के लिए छोटा तंदूर जलाकर सो गए थे। आशंका जताई जा रही है कि कमरे में रोशनदान नहीं होने की वजह से जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतकों की पहचान रंजीत (45) और चंदन (25) के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सर्वेंट क्वॉर्टर में रोशनदान नहीं होने की वजह से उनकी मौत हुई है।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से बागेश्वर (उत्तराखंड) निवासी रंजीत व चंदन कुमार दोनों सिविल लाइंस में श्रीराम रोड स्थित कोठी नंबर 29 में नौकर थे। यह कोठी होटल कारोबारी बलविंदर उप्पल की है। दोनों कोठी में खाना बनाने का काम करते थे और सर्वेंट क्वॉर्टर में रहते थे।
मृतक रंजीत के रिश्तेदार ने बताया कि दोनों साढू थे। करीब एक साल से यहां काम कर रहे थे। बुधवार रात काम खत्म कर दोनों कमरे में पहुंचे। ठंड से बचने के लिए उन लोगों ने कमरे में छोटा तंदूर जलाया। कमरे में कोई रोशनदान नहीं था। बताया जा रहा है कि तंदूर से निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों बेहोश हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।