चार नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, ऑनलाइन स्टोरों पर एक्सपायरी सामान और गंदगी मिली, कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और पकवानों के लिए इस्तेमाल होने वाले देसी घी की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में देसी घी के 59 नमूनों में से 19 असुरक्षित मिले, जबकि चार नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। यानी करीब 39 प्रतिशत नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं पाए गए।
विभाग ने असुरक्षित घी बेचने वाले कारोबारियों के प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश जारी कर इनके लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। वहीं, ऑनलाइन सामान पहुंचाने वाली कंपनियों के भंडारण केंद्रों पर एक्सपायरी खाद्य उत्पाद, कीट और साफ-सफाई में गंभीर खामियां मिली हैं। देसी घी के नमूने नाहरपुर, पोसंगीपुर, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, रामपुरा, टैगोर गार्डन, कल्याणपुरी, कृष्णा विहार और कोंडली समेत कई बाजारों से लिए गए।
विभाग ने असुरक्षित नमूनों से जुड़े ब्रांडों के नाम भी जारी किए हैं। इनमें हरियाणा लाइट, हरियाणा सुप्रीम, हरियाणा डेयरी, हरियाणा प्योर, करतार, प्रभास, मधु संगम, राधा कृष्णा, अक्षरा और आनंद गोल्ड समेत 16 ब्रांड शामिल हैं। विभाग ने नोवा, गोवर्धन प्योर गाय का घी और प्रताप देसी घी के नमूनों को भी गुणवत्ता के लिहाज से दोयम दर्जे का बताया है।
ऑनलाइन स्टोरों पर एक्सपायरी सामान और गंदगी
उत्तम नगर स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के परिसर में एक्सपायरी फ्रोजन मटर, ग्रीक योगर्ट, एगलेस चॉकलेट-चिप ब्राउनी और गाय के घी के उत्पाद मिले। कुछ अंकुरित अनाज, फल और सब्जियों के पैकेटों पर एक्सपायरी तिथि भी दर्ज नहीं थी। वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में रिलायंस रिटेल के परिसर में मक्खियां, मच्छर, छिपकली और मकड़ी के जाले मिले। घेवरा स्थित जोमैटो हाइपरप्योर में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और शिकंजी के उत्पाद पाए गए। झील खुरेजा स्थित जेप्टो के परिसर में कॉकरोच, जंग लगे रैक और गंदगी मिली। कोल्ड स्टोरेज का तापमान बनाए रखने में भी कमी थी। कुछ खाद्य उत्पाद फर्श पर रखे थे और खराब सामान के ऊपर दूसरे उत्पाद रखे मिले। ब्लिंक कॉमर्स के आसफ अली रोड और दरियागंज परिसरों में गंदे क्रेट, धूल और चूहों को पकड़ने के लिए लगाए गए ट्रैप की व्यवस्था में खामियां मिलीं। रोहिणी स्टोर में भी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई।
लाइसेंस निलंबित, सुधार के नोटिस जारी
विभाग ने निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के नोटिस जारी किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने और मिलावट के जरिये लोगों की सेहत को खतरे में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने बाजारों, भंडारण केंद्रों और ऑनलाइन माध्यम से खाद्य पदार्थ पहुंचाने वाले प्रतिष्ठानों की निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण और एक्सपायरी तिथि जरूर जांचें। ऑनलाइन सामान मंगाने पर भी पैकेट की स्थिति और बिल देखें। पैकेट खुला या फूला हुआ हो अथवा उत्पाद से असामान्य गंध आए तो उसका इस्तेमाल न करें। खराब या एक्सपायरी सामान मिलने पर उसका सेवन न करें और खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।