डेविड ने महिला से कहा कि उसका एक दोस्त भी बर्हिंगम में आईटी प्रोफेशनल है। डेविड ने महिला की अपने दोस्त से फोन पर बात भी कराई। डेविड के दोस्त ने खुद को आई कंपनी का मालिक बताया और कहा कि वह उन्हें प्रोफेशनल वीजा के साथ नौकरी दे सकता है। साल में करीब 60 से 70 लाख का वेतन भी देगा। पीड़िता आरोपियों के झांसे में आ गई। पांच अक्तूबर को डेविड ने बताया कि वह महिला के लिए महंगी घड़ी, लेडीज पर्स, जेवरात और चॉकलेट भेज रहा है।
अगले दिन पीड़िता के पास पाल मार्क नाम के व्यक्ति ने फोन कर खुद को एक कुरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। आरोपी ने कहा कि पार्सल रिसीव करने के लिए पैसे देने होंगे। महिला ने पैसे नहीं दिए। इसके बाद 9 अक्तूबर को कस्टम विभाग फिनलैंड से पार्सल रिसीव होने का फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि पार्सल में सोने के आभूषण, पैसे व अन्य गिफ्ट हैं। आरोपी ने कहा कि सिक्योरिटी के नाम पर पैसे देने होंगे और सभी पैसे 21 दिन बाद रिफंड कर दिए जाएंगे।
डेविड ने भी महिला को इसी सामान के आने की जानकारी दी थी। सभी बातों को सही मानकर महिला ने कस्टम अधिकारियों द्वारा बताए गए खातों में पैसे भेजने शुरू कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने बीमा, डॉलर से रुपये में पैसे कन्वर्ट करने की फीस, एंटी मनी लॉड्रिंग फीस, मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस से सर्टिफिकेट समेत अन्य मदों के नाम पर 19.70 लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद आरोपियों ने नंबर बंद कर लिए।