पांच साल बाद भी जिले के 1.69 लाख वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे
अपराध की जांच में बढ़ सकती है मुश्किल, विभाग जल्द विशेष अभियान चलाने की तैयारी में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में करीब 1.69 लाख वाहन अब भी बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किसी अपराध में होने पर उनकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इसके बावजूद परिवहन विभाग की ओर से एचएसआरपी लगवाने के लिए कोई प्रभावी अभियान लंबे समय से नहीं चलाया गया है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 12,77,099 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 11,07,743 वाहनों पर ही एचएसआरपी लगी है, जबकि 1,69,356 वाहन अब भी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चल रहे हैं। कई वाहन मालिक पेंट से नंबर लिखवा लेते हैं या फिर नंबर स्पष्ट रूप से अंकित ही नहीं करते। ऐसे में यदि इन वाहनों का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में होता है तो उनकी पहचान और ट्रैकिंग में काफी दिक्कतें आती हैं। बीते साल दिल्ली में कार के अंदर हुए बम ब्लास्ट के बाद ऐसी ही बिना नंबर प्लेट के कार ने पुलिस के कान खड़े कर दिए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि एचएसआरपी न होने से सीसीटीवी कैमरों और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) सिस्टम के जरिए वाहनों की पहचान भी प्रभावित होती है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से सभी वाहनों पर एचएसआरपी अनिवार्य रूप से लगाने पर जोर देती रही हैं।
करीब तीन वर्ष पहले फरवरी 2023 में परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बिना एचएसआरपी वाले वाहनों पर कार्रवाई की थी, लेकिन उसके बाद इस दिशा में कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया गया। इससे नियमों का पालन कराने की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
अप्रैल 2019 से हर वाहन के लिए अनिवार्य हुई एचएसआरपी
भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से सभी नए और पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया था। इसका उद्देश्य वाहनों की एक समान पहचान सुनिश्चित करना, चोरी पर अंकुश लगाना और अपराध की जांच को आसान बनाना है। हालांकि पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगवाना अब भी परिवहन विभाग के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इसलिए खास है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
एचएसआरपी में नीले रंग का क्रोमियम आधारित होलोग्राम, यूनिक लेजर कोड और विशेष लॉकिंग सिस्टम होता है। इसे एक बार लगाने के बाद बिना नुकसान पहुंचाए हटाना या बदलना आसान नहीं होता। यह प्लेट वाहन के डिजिटल पंजीकरण रिकॉर्ड से जुड़ी होती है, जिससे फर्जी नंबर प्लेट लगाने और वाहन चोरी जैसे मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।
बिना एचएसआरपी लग सकता है 10 हजार तक का जुर्माना
परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस जांच के दौरान बिना एचएसआरपी वाले वाहनों का चालान करती है। नियमों के अनुसार उल्लंघन करने पर 5,000 से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संदिग्ध स्थिति में वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
इनसेट : एक नजर में स्थिति
कुल पंजीकृत वाहन: 12,77,099
एचएसआरपी लगे वाहन: 11,07,743
बिना एचएसआरपी वाहन: 1,69,356
कोट
हम नियमित रूप से ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। जल्द ही विशेष अभियान चलाकर बिना एचएसआरपी वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
- नंद कुमार, एआरटीओ (प्रशासन), गौतमबुद्ध नगर