मुख्यमंत्री ने कहा, इस कोरोना काल के अंदर एलएनजेपी अस्पताल ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। अस्पताल के सभी डाॅक्टर और नर्सों को दिल्ली और देश की की जनता की तरफ से सलाम करता हूं। इस महामारी कुछ डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ शहीद हो गए, सभी उनकी शहादत को भी सलाम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी कोरमा योद्धाओं को मरणोपरांत एक करोड़ की राशि दी है। इससे शहीद हुए डॉक्टर और अन्य लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
यह देश की सबसे ऊंची अस्पताल की इमारत होगी
अस्पताल के नए चिकित्सा केंद्र के शिलान्यास के मौके पर मौजूद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा यह देश की सबसे ऊंची अस्पताल की इमारत होगी। यह नई इमारत 25 मंजिला होगी, जिसमें तीन मंजिल जमीन के नीचे होगी और 22 मंजिल जमीन के ऊपर बनाई जाएगी। इसमें कई ऑपरेशन थियेटर होंगे।
मरीज को जगह-जगह भटकना नहीं पड़ेगा। अभी तक अस्पतालों में टेस्ट कहीं और होते हैं और एमआरआई कहीं और होता है, इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। इस बिल्डिंग में ओटी, एमआरआई, टेस्ट समेत सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री का लक्ष्य दिल्ली को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने का है। उस तरफ बढ़ने में एलएनजेपी अस्पताल का बहुत बड़ा योगदान रहेगा।
जैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले दो साल के अंदर अस्पताल का यह नया ब्लॉक बनकर तैयार हो जाएगा। आधारशिला कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक शोएब इकबाल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल अग्रवाल, स्वास्थ्य सचिव संदीप कुमार, चीफ इंजीनियर संजीव रस्तोगी, सेंट्रल दिल्ली के जिलाधिकारी आर. गोपी कृष्णन, मेडिकल डाॅयरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।