पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे उत्तरी दिल्ली नगर निगम का दक्षिणी निगम पर 1406 करोड़ का बकाया है, लेकिन इसे वसूलने के लिए किसी तरह का आदेश जारी करने से नेता और अधिकारी बच रहे हैं। दरअसल, तीनों निगम भाजपा शासित हैं, इसलिए अपनी ही पार्टी की ओर से शासित निगम पर किसी तरह का निर्देश देने से गुरेज कर रहे हैं। हां मौका मिलने पर दिल्ली सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
1406 करोड़ तक का बकाया नहीं वसूलने की वजह से उत्तरी निगम के लिए अधिकारियों को वेतन देने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तरी नगर में कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल ने स्थायी समिति की बैठक में ये आरोप लगाए। उन्होंने स्थायी समिति की अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि दक्षिणी नगर निगम के दफ्तर में इस्तेमाल किए जा रहे डीटीएच के शुल्क का भी भुगतान कर रही है।
मुकेश गोयल ने उत्तरी नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर में चल रहे दक्षिणी नगर निगम के दफ्तर पर होने वाले खर्चे और किराये की राशि जाने के लिए एक शॉर्ट नोटिस दिया था। जानकारी के मुताबिक एक मई 2012 से 31 जनवरी 2019 तक करीब 1405.90 करोड़ रुपये किराये का बकाया है। इसके अलावा बिजली और पानी के मद में भी करीब चार करोड़ का बकाया है।