सेक्टर-58 स्थित पार्क में नमाज अदा करने का विवाद 14 मिनट 5 सेकेंड के वीडियो से गहराया। इस वीडियो में सुना जा सकता है कि मनोज शर्मा नाम का व्यक्ति नमाज की तैयारी कर रहे चार-पांच लोगों से पूछताछ कर रहा है। करीब 14 मिनट तक वह शख्स उन लोगों से लगातार सवार पर सवाल किए जा रहा था।
बताया जाता है कि यह वीडियो 7 दिसंबर का है। यह वीडियो बाद में वायरल हो गया। इससे विवाद की स्थिति बन गई। इस पार्क में पहले कम लोग ही नमाज अदा करने आते थे। धीरे-धीरे नमाजियों की संख्या बढ़ती गई। 7 दिसंबर को भी लोग नमाज की तैयारी कर रहे थे। तभी वहां हिंदू संगठन के कुछ लोग पहुंच गए।
उन्होंने नमाज पढ़ने का विरोध किया। आरोप है कि उन लोगों से आगे से यहां नमाज न पढ़ने की चेतावनी दी। इसके बाद यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट के यहां पहुंचा। सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस से जांच के लिए कहा। पुलिस की जांच में पता चला कि पार्क में नमाज गलत हो रही है। पुलिस ने नमाज पर रोक लगाने के लिए पार्क पर निगरानी रखनी शुरू कर दी। 14 दिसंबर को फिर से लोग पार्क में नमाज के लिए इकट्ठा हुए, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया।
बैठक में बनी थी सहमति
सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली सेक्टर-58 में सभी पक्षों के लोगों के साथ बैठक की थी। इसमें नमाज अदा न करने पर सहमति बनी, लेकिन तब तक पार्क का वीडियो वायरल हो गया। इस मामले में एक पक्ष को कार्रवाई एकतरफा लगी तो मामले ने तूल पकड़ लिया। इस बैठक के बाद कोई भी व्यक्ति शुक्रवार को नमाज पढ़ने नहीं आया।
इमाम ने जेल में भी अदा की नमाज
इमाम के सहयोगी नोमान अख्तर का कहना है कि हम लोगों को पुलिस ने बेवजह गिरफ्तार किया है। हम लोगों का काम ही नमाज पढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि जब हम लोग चार दिन जेल में रहे तो वहां भी नमाज अदा की। इमाम का आरोप है कि उन्हें थाने में बहाने से बुलाया गया था और इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
इमाम पर उकसाने का आरोप
पुलिस का कहना है कि इमाम और उनके सहयोगी लोगों को उकसा रहे थे। पार्क में इमाम व सहयोगी ने लोगों को बुलवाकर शांति भंग की। इस कारण दोनों का धारा 151 में चालान किया गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि इमाम के आने के बाद ही वहां भीड़ जमा होने लगी। इससे पहले कोई दिक्कत नहीं थी।
ऐसा है पुलिस का नोटिस
कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने पार्क के आसपास कई कंपनियों को जो नोटिस भेजा है, उसमें लिखा है कि प्राधिकरण के इस पार्क में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं है। यह देखा गया है कि आपके कर्मचारी यहां नमाज पढ़ने के लिए एकत्र होते हैं। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट की भी अनुमति नहीं है। लिहाजा कंपनी अपने कर्मचारियों को अवगत करा दे कि कोई नमाज पढ़ने के लिए पार्क में न जाए। यदि कोई नमाज के लिए आता है तो उसमें कंपनियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
कंपनियों के प्रतिनिधि थाने पहुंचे
मंगलवार को जिन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था, वह कोतवाली में पहुंचे। उन्होंने पुलिस के सामने नमाज को लेकर अपनी राय रखी और पार्क में आगे से नमाज के लिए कर्मचारियों को रोकने का भरोसा दिया।
क्या कहा कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने
हम लोगों ने अपने कर्मचारियों को पार्क में जाने से मना कर दिया है। नोटिस मिलने के बाद हम लोगों ंने कर्मचारियों ंसे बात की और उन्हें समझा दिया।- हितेश, हीरो शो रूम
पुलिस से नोटिस मिलने के बाद हम लोगों ने अपने कर्मचारियों को अपनी बिल्डिंग के ऊपर ही नमाज अदा करने के लिए कह दिया है। वे लोग वहीं नमाज अदा करेंगे।- कैलाश कुशवाहा, पंप हाउस
यह विवाद का कोई विषय ही नहीं है। पार्क की अनुमति नहीं है तो हम लोगों ने अपने कर्मचारियों से कह दिया है कि मस्जिद या अपनी छत पर नमाज अदा करें।- मनमोहन सिंह रावत, एक्सपोर्ट हाउस
हमारे यहां 100 से अधिक मुस्लिम कर्मचारी हैं। पुलिस की कार्रवाई से हमारे किसी कर्मचारी को कोई परेशानी नहीं है।- उमेश चंद्रा, गारमेंट हाउस