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दिल्ली: पानी में उतरा लापरवाही का करंट, 13 साल के लड़के की मौत, माता-पिता की इकलौती संतान था कौशल

Sun, 06 Sep 2026 07:51 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिजली के पोल में करंट उतरने और उसे समय रहते ठीक नहीं करने का कौन जिम्मेदार है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बिंदापुर थाने के नंदराम पार्क इलाके में शुक्रवार देर शाम गली में भरे बारिश के पानी में करंट उतर गया। इसकी चपेट में आने से 13 वर्षीय कौशल की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब कौशल गली के दूसरी ओर स्थित अपने निर्माणाधीन मकान की तरफ जा रहा था। 

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स्थानीय लोगों के अनुसार, कौशल अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और परिवार नंदराम पार्क में किराये के मकान में रहता है। शुक्रवार देर शाम लगातार बारिश के कारण गली में पानी भरा था। इसी दौरान एक बाइक वहां से गुजरी। बाइक से बचने के लिए कौशल किनारे हुआ, तभी उसका पैर फिसल गया। गिरने से बचने के लिए उसने पास लगे लोहे के पोल को पकड़ लिया। पोल में करंट उतरने के कारण वह उसकी चपेट में आ गया।

स्थानीय महिला अंगूरी देवी के मुताबिक, गली के एक कोने पर सीमेंट के पोल के साथ लोहे का पोल भी लगा था। इस पर मोटी केबल बंधी थी। बारिश और पानी जमा होने के कारण लोहे के पोल में करंट उतर गया था। हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और डंडे की मदद से कौशल को पोल से अलग किया। परिजन और स्थानीय लोग उसे पास के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिजली के पोल में करंट उतरने और उसे समय रहते ठीक नहीं करने का कौन जिम्मेदार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी।

हादसे के बाद जागा विभाग, पोल काटकर हटाया
घटना के बाद शनिवार को बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोहे के पोल को काटकर हटा दिया। लोगों का आरोप है कि विभाग ने हादसे से पहले पोल की स्थिति की जांच नहीं की। उनका कहना है कि यदि बारिश के दौरान बिजली के पोल और केबल की समय रहते जांच कर ली जाती और पोल को हटा दिया जाता तो हादसा न होता। 

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