इस औद्योगिक नगरी से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर दो बदरपुर बॉर्डर से जाजरू मोड़ तक 30 किलोमीटर की दूरी में 13 कट जानलेवा चिह्नित किया गया है। शार्टकट के चक्कर में लोगों की जान जा रही लेकिन उक्त कटों को बंद करने का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।
इससे राजमार्ग प्राधिकरण की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। ट्रैफि क विभाग द्वारा किए गए एक सर्वे में महज नौ कटों को ही सुरक्षित माना गया है। ऐसे में यदि राजमार्ग से गुजरना है और किसी कट से मुडना है तो संभलकर चलें। कहीं ऐसा न हो कि शार्टकट के चक्कर में जान पर आफत आ जाए।
बता दें कि पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस की इंवेस्टिगेशन टीम ने बदरपुर बॉर्डर से जाजरू मोड़ तक 30 किलोमीटर के क्षेत्र में एक सर्वे कराया था। सर्वे में कुल 22 कटों में से 13 कट ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किए गए थे।
महज नौ कट ही सर्वे में सुरक्षित पाए गए। ट्रैफिक पुलिस ने अपनी सर्वे रिपोर्ट रोड ट्रैफिक एंड हाईवे करनाल को भेज दिया है लेकिन अभी तक उन खतरनाक जगहों पर बनाए गए कटों को बंद करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।
शनिवार को सेक्टर 28 कट पर कैंटर और स्कूटी की टक्कर के बाद हाईवे की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। जिस स्थान पर ये घटना हुई है ट्रैफिक पुलिस भी अपने सर्वे में उसे खतरनाक कट के रूप में चिन्हित कर चुकी है।
ट्रैफिक विभाग ने सर्वे के तहत ये जानने की कोशिश की कि पिछले दो साल में सबसे अधिक हादसें कहां पर हुए। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रोड ट्रैफिक एंड हाईवे करनाल भेज दी गई है।
पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2015 में हुई दुर्घटनाओं में 210 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें 140 से ज्यादा लोगों की जान हाईवे पर गई थी। वर्ष 2016 में 180 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि वर्ष 2017 की शुरुआती तीन महीने में ही 50 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
सर्वे में ये हैं ब्लैक स्पॉट:
-एनएचपीसी चौक
-सेक्टर 28 तायल मोटर कट
-ओल्ड फरीदाबाद
-अजरौंदा चौक
-बाटा मोड़
-वाईएमसीए चौक
-मुजेसर कट
-गुडईयर चौक
-बल्लभगढ़-सोहना कट
-सरकारी अस्पताल कट
-झाड़सेंतली कट
-सीकरी गांव कट
-जाजरू मोड़
हादसों का प्रमुख कारण:
-ट्रैफि क का मिक्सअप
-वाहनों की तेज रफ्तार
-डिवाइडर से अचानक सड़क पर आना
-जेब्रा क्रॉसिंग न होना
-रेड लाइट का न होना
-मुड़ते वक्त एंडीकेटर का उपयोग न करना
-अंधेरा होने के कारण कट दिखाई न देना आदि
फौरी तौर पर कुछ कट बंद करने के लिए एनएचएआई को कहा गया है। इसके अलावा हाईवे के कटों पर स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग, रेड लाइटें लगवाने के लिए भी कहा गया है। लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हो पाया। गलत दिशा में दौडने वाले वाहनों पर सख्ती बरती जा रही है। साथ ही वाहन चालकों से भी अपील है कि वह ट्रैफि क नियमों का पालन करें और शार्टकट के चक्कर में अपनी जान संकट में न डालें। -राजबीर धनखड़, एसएचओ ट्रैफिक
-सिक्स लेन प्रोजेक्ट के दौरान लोगों की सुविधा के लिए कुछ नए कट बनाए गए हैं। उन कटों में से कुछ को बंद किया गया है। जहां प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। वहां पर जेब्रा कॉसिंग, ट्रैफि क लाइटें और स्पीड ब्रेकर लगवाए जा रहे है। प्रयास होगा कि जल्द ही कटों को बंद करा दिया जाए। हम इसके प्रति गंभीर हैं। -धीरज सिंह, कार्यकारी अभियंता,एनएचएआई
-हाईवे पर फ्लाईओवर बनने से वाहनों की रफ्तार तेज हो गई है और ब्लैक स्पॉट पर पहले से ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही है। ऐसे में तुंरत उपाय करने चाहिए। -एस के शर्मा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष,आरएसओ