पबजी गेम ने एक और मासूम की जिंदगी को निगल लिया। शाहदरा जिले के फर्श बाजार इलाके में मां ने इकलौते बेटे लक्ष्य (12) को पबजी खेलने पर डांटा तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
परिजनों के मुताबिक, लक्ष्य ज्यादातर समय फोन पर पबजी गेम खेलकर बिताता था। इसके चक्कर में वह खाना भी नहीं खाता था। मां ने पढ़ाई करने और खाना ठीक समय पर खाने के लिए समझाते हुए डांटा तो उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। लक्ष्य के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। पुलिस के अलावा क्षेत्रीय एसडीएम भी मामले की जांच कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, गली नंबर-12, विश्वास नगर में रहने वाले लक्ष्य के परिवार में मां नीतू, दादी, चाचा व ताऊ हैं। सभी अलग-अलग फ्लोर पर रहते हैं। करीब 4 साल पहले उसके पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। लक्ष्य माता-पिता की इकलौती संतान था और ज्वाला नगर शाहदरा के एक नामी पब्लिक स्कूल में 7वीं कक्षा का छात्र था।
मां नीतू पीडब्ल्यूडी में ग्रुप-डी कर्मचारी हैं। कोरोना की वजह से आजकल स्कूल बंद हैं। लक्ष्य ज्यादातर समय फोन पर पबजी गेम खेलकर बिताता था। मां अक्सर उसे खाना समय पर खाने और पढ़ाई करने के लिए डांटती थी, लेकिन वह ध्यान नहीं देता था।
मंगलवार सुबह मां ने लक्ष्य को गेम खेलने के लिए डांटा और फिर उसे नाश्ता कराया। इसके बाद वह अपने दफ्तर चली गईं। नीतू दफ्तर पहुंची ही थी कि परिजनों ने लक्ष्य के आत्महत्या करने की सूचना दी। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहली मंजिल के कमरे में पंखे से लटका लक्ष्य का शव उतारा। पुलिस के अलावा क्षेत्रीय एसडीएम भी मामले की जांच कर रहे हैं।