दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि लाडो सराय में रहने वाले एक पीड़ित ने 18 जुलाई को साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे फेसबुक पर अमेलिया एडवर्ड नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। महिला ने खुद को यूके का बताया। कुछ दिनों के बाद दोनों के बीच चैटिंग शुरू हो गई। महिला ने शिकायतकर्ता को बताया कि वह 50 हजार पाउंड के साथ मुंबई आई है। उसे कस्टम अधिकारियों ने पकड़ लिया है। उसने महिला को बचाने के लिए आरोपियों के चार अलग-अलग खातों में 12.75 लाख रुपये भेज दिए। मामला दर्जकर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरूण कुमार की देखरेख में एसआई संजय सिंह की टीम ने जांच शुरू की।
एसआई संजय सिंह की टीम ने उन बैंक खातों की जांच की जिनमें ठगी का पैसा गया था। पता चला कि बैंक अकाउंट में गया पैसा मंडावली स्थित एटीएम से निकाला गया था। पुलिस ने मंडावली के एक पते पर छापा मारा और नाइजीरियाई नागरिक को पकड़ा लिया। इससे पूछताछ के बाद पुलिस ने आकाश जुयाल, कशिश मांझी, रोहित कुमार उर्फ खन्ना, शुभम कर्ण, सनी शाह, यश यादव और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ओनेबो ओनेका नथानिएल तीन माह के वीजा पर भारत आया था और वीजा खत्म होने के बाद वापस नहीं गया। बाद में वह भारत में रहकर ठगी का गिरोह चलाने लगा।