रानीबाग इलाके में शुक्रवार देर शाम महाशिवरात्रि का व्रत खोलने के दौरान कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से 110 लोग बीमार हो गए। उल्टी, चक्कर और शरीर में कंपकपी होने पर पीतमपुरा, त्रिनगर, रानीबाग और शकूरपुर के लोग भगवान महावीर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि पुराना व मिलावटी आटा खाने से लोगों की तबीयत बिगड़ी। शनिवार सुबह तक सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
शकूरपुर निवासी मोहित ने बताया कि व्रत खोलने के बाद परिवार के 15 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। रात से लेकर सुबह तक घर के सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि सभी को फूड प्वाइजनिंग हुई है। सभी ने व्रत खोलने के दौरान कट्टू का आटे से बने पकवान खाए थे। करीब तीन-चार घंटे अस्पताल में रहने के बाद परिजनों को राहत मिली।
इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसी तरह त्रिनगर से आए सोनू ने बताया कि उन्होंने पत्नी के साथ कट्टू के आटे से बना खाना खाया था। उन्हें रात आठ बजे से उल्टी होने लगी, लेकिन किसी तरह घर पर रात गुजारने के बाद शनिवार तड़के अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने मरीजों की भीड़ देखी। सभी के साथ एक ही समस्या थी। इसी तरह से कई लोगों ने तबीयत बिगड़ने की बात कही।
शनिवार शाम तक पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
- जिम्मी चिराम, पुलिस उपायुक्त बाहरी दिल्ली
दुकानें बंदकर फरार
लोगों ने बताया कि व्रत खोलने के बाद घरों के आसपास स्थित अलग-अलग दुकानों से आटा खरीदा था। शनिवार को सभी दुकानदार फरार हो गए। तबीयत बिगड़ने पर परिजन दुकानों पर पहुंचे तो वह बंद थी।