अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले सोमवार को एसआरएल डायग्नोसिस ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाली 11 महिलाओं को सम्मानित किया।
महिलाओं का कहना था कि सम्मान से उन्हें आगे बढने का हौंसला मिलता है और अन्य महिलाओं को भी ऐसे काम में शुरुआत की हिम्मत देता है।
कार्यक्रम में कैंसर पीड़ित हरमाला गुप्ता को दिल्ली समेत एनसीआर में कैंसर पीड़ितों की मदद करने, 80 फीसदी पोलियो दिव्यांग आभा खेतरपाल को दिव्यांगों को घर बैठे शिक्षा से जोडने के अलावा ज्योति तिवारी,पल्लवी राव नरवेकर,जीनत आरा, उर्मिला शर्मा, शांति, जमुना, गौरवमा शामिल हैं।
महज आठ महीने की उम्र में स्पाइनल मसक्यूलर एट्राफी (एसएमए) बीमारी की चपेट में आकर नोएडा सेक्टर 122 निवासी जीनत आरा (28), बेशक आम लड़कियों की तरह जिंदगी नहीं जी सकी, लेकिन अपने हौंसले और परिवार के साथ के चलते उन्होंने आम बेटियों को आगे बढने का संदेश दिया है।
दिल्ली निवासी आभा खेतरपाल जब तीन वर्ष की थीं तो पोलियो केचलते 80 फीसदी दिव्यांगों की श्रेणी में शामिल हो गयीं। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित आभा ऑनलाइन आठवीं कक्षा तक दिव्यांगों को घर बैठे वेब कैमरा के माध्यम से शिक्षा से जोड़ रही हैं।
कहते हैं कि जब दर्द खुद को हो तब ही हम किसी का दर्द समझ पाते हैं। यह कहावत हरमाला गुप्ता पर सही साबित होती है। हरमाला के मुताबिक, मैंने कैंसर का दर्द साहा है।
इसीलिए ऐसे मरीजों की सेवा करना और नाउम्मीद होती जिंदगी में फिर जीने का जज्बां भरना जीवन का लक्ष्य बना लिया। हरमाला गुप्ता दिल्ली समेत एनसीआर में कैंसर मरीजों के इलाज करवाती हैं। उनकी टीम में 28 डाक्टर हैं, जोकि करीब दो हजार मरीजों के घर जाकर उनका ट्रीटमेंट के साथ दवा आदि भी उपलब्ध करवाते हैं।