सोडा वाटर प्लांट लगाने के नाम पर 11 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसे लेने के बाद कंपनी की तरफ से कोई काम नहीं किया गया न ही पैसे लौटाए गए। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में पक्ष रखा और कोर्ट के आदेश पर कोतवाली फेज थ्री में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, हिसार निवासी नीरज बिश्नोई ने अखबार में विज्ञापन देखकर सोडा वाटर प्लांट लगाने के लिए सेक्टर-63 की एंबियंस कंपनी से संपर्क किया था। इसमें कंपनी की तरफ से बताया गया कि यहां सोडा वाटर प्लांट लगाने की फ्रेंचाइजी दी जाती है।
इस प्लांट के सेटअप के लिए 2 करोड़ 4 लाख रुपये का समझौता हो गया। इसमें नीरज ने 11 लाख रुपये दे भी दिए। इसके बाद करीब एक साल बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ। हमेशा कोई न कोई बहाना बनाकर टरकाया गया। आरोप है कि 18 दिसंबर को नीरज सेक्टर-63 स्थित कंपनी पहुंचे और पैसे वापस मांगे। इस दौरान उनकी कंपनी के गार्डों ने पिटाई कर दी।
कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें एंबियंस कंपनी के चेयरमैन पीयूष द्विवेदी, निदेशक संयुक्ता सिंह व आरके तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, इस मामले में कंपनी के चेयरमैन पीयूष द्विवेदी का कहना है कि मेरी न तो एंबियंस नाम की कंपनी है न ही मैं इसका चेयरमैन हूं। दूसरे पक्ष ने कोर्ट को गलत जानकारी दी है।