फूड प्वाइजिनिंग के शिकार मजदूर।
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कस्बे के पाटिया चैक पर नाश्ते में समोसे खाने के बाद से 11 पल्लेदार (मजदूर) फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। पीड़ितों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। फूड इंस्पेक्टर ने मामले की जांच की बात कही है।
वहीं, दुकानदार का कहना है कि पल्लेदारों ने समोसे के अलावा और किसी खाद्य सामग्री का सेेवन किया होगा। उसका दावा है कि अन्य ग्राहकों को समोसे खाने से कोई परेशानी नहीं हुई।
कस्बे में पाटिया चौक स्थित सब्जी व अनाज मंडी में पल्लेदारी का काम करने वाले नईम, रईस, बंटी, मनोज, गोकुल, राजन, अनवर, छोटू समेत 11 लोग पल्लेदारी का काम करते हैं।
सोमवार सुबह लगभग 10 बजे नाश्ते के लिए पल्लेदारों ने पास ही स्थित एक प्रसिद्ध हलवाई की दुकान से समोसे मंगाए। आरोप है कि समोसे खाने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। वह फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए और उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सूखामल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर महेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी और दोषी पर विभागीय कार्रवाई होगी।
दनकौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. नारायण ने बताया कि दूषित खाद्य सामग्री का सेवन करने से लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।