क्षेत्र के एक गांव में 13 मार्च को 10वीं की नाबालिग छात्रा को अगवा कर गांव के ही दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता के परिवार को रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। इस कारण परिवार तीन दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं करा पाया। अब, छात्रा की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने हिम्मत जुटाकर शनिवार को पुलिस को तहरीर दी।
पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी ने 10वीं कक्षा की परीक्षा दी है। 13 मार्च की शाम वह घर से घेर में पशुओं को चारा डालने के लिए अकेली आई थी। लौटते वक्त गांव के दो युवक रास्ते से ही उसको अगवा कर जंगल में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया।
वारदात के बाद आरोपी किशोरी को बेसुध अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। होश आने पर किशोरी घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। आरोप है कि परिजन मामले की शिकायत दर्ज कराने कोतवाली जाने लगा तो आरोपी पक्ष ने उनको जान से मारने की धमकी दी।
इसके डर के चलते परिजन कोतवाली नहीं पहुंचे। पिता के मुताबिक, शनिवार को उनकी बेटी की हालत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर दोनों आरोपी युवकों के खिलाफ शिकायत पुलिस से की है। कोतवाली प्रभारी समरेश कुमार सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।