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ग्रेटर नोएडाः मोबाइल गेम खेलने से रोकने पर छात्र ने की खुदकुशी, 14वीं मंजिल से लगाई छलांग

Thu, 01 Aug 2019 09:17 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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अर्पित शिवाच - फोटो : अमर उजाला
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बिसरख कोतवाली क्षेत्र की पंचशील ग्रीन सोसायटी में बुधवार की शाम 14वीं मंजिल से गिरकर दम तोड़ने वाला रायन स्कूल का दसवीं का छात्र अर्पित शिवाच था। पुलिस का कहना है कि मोबाइल गेम खेलने पर उसकी मां ने छात्र को डांट दिया था। इससे क्षुब्ध होकर वह घर मोर्निंग वॉक के लिए घर से चला गया और वापस नहीं लौटा। छात्र ने पंचशील ग्रीन सोसायटी पहुंचकर 14वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। इससे पहले छात्र ने अपने एक सहपाठी को दो कॉल भी की लेकिन एक कॉल रिसीव नहीं हुई। 

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शहर की एब्ल्यूएचओ सोसायटी में नवीन शिवाच परिवार के साथ रहते हैं। नवीन शिवाच का बेटा अर्पित शिवाच ग्रेटर नोएडा के रायन स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र था। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार की रात अर्पित अपनी मां के मोबाइल पर गेम खेल रहा था। इस पर उसकी मां ने उसे डांट दिया और मोबाइल छीन लिया था। वह नाराज होकर उस दौरान सो गया लेकिन बुधवार सुबह वह घर से मार्निंग वॉक के लिए निकला और फिर वापस नहीं लौटा। काफी देर होने पर परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। 

बीटा-2 थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि उसके परिजन थाने पहुंचे थे और उसकी गुमशुदगी की जानकारी दी थी। इस पर उसके फोटो लाने को कहा था। रात 11 बजे के करीब बिसरख कोतवाली पुलिस ने सभी थाना पुलिस को पंचशील ग्रीन में 14 वीं मंजिल से छात्र की गिरकर मौत के बाद फोटो व्हाट्सएप पर भेजा था। इसे देखते ही बीटा-2 पुलिस ने अर्पित को पहचान लिया। परिजन से संपर्क करने पर जानकारी हुई कि छात्र ने इससे पहले अपने एक सहपाठी को दो बार कॉल की थी। इसके चलते परिजन उसके सहपाठी से संपर्क कर उसका पता लगाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने अर्पित के फोटो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर उसे तलाशने का प्रयास किया। 
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सहपाठी कॉल रिसीव कर लेता तो शायद बच जाती छात्र की जान 

पुलिस के मुताबिक, छात्र ने पहली कॉल सहपाठी को मॉर्निंग वॉक पर जाने के बाद की थी। अर्पित ने सहपाठी से कहा था कि वह स्कूल नहीं आएगा। इसे सहपाठी ने गंभीरता से नहीं लिया था और वह स्कूल चला गया। इसके बाद दोपहर लगभग तीन बजे अर्पित ने सहपाठी के मोबाइल पर कॉल की। इस दौरान सहपाठी कॉल रिसीव नहीं कर सका। तब तक अर्पित को सोशल मीडिया व उसके परिजन के माध्यम से अर्पित के लापता होने की जानकारी हो गई थी। इसके चलते उसने तुंरत उस नंबर पर बैक कॉल कर अर्पित के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि अर्पित ने किसी राहगीर के नंबर से कॉल की थी और फिर कहीं चला गया था। इससे पहली कॉल भी उसने इसी तरह की थी। इसके चलते अर्पित का पता नहीं चल पाया। पहली कॉल की जानकारी मिलते ही परिजन सहपाठी के संपर्क में थे और उन्होंने दूसरी कॉल आने पर अर्पित को उलझाए रखने की बात कही थी। इसलिए इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि दूसरी कॉल रिसीव होने पर परिजन व पुलिस अर्पित तक पहुंचकर उसकी जान बचा सकते थे। 

 

बीस किमी दूर सुसाइड करने पर उठ रहे सवाल 

आर्पित का बीटा-2 थाना क्षेत्र की एब्ल्यूएचओ सोसाइटी में रहता है। जबकि आर्पित ने ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रींस सोसाइटी से कूद कर जान दी है। आर्पित के घर और घटना स्थल की दूरी लगभग 20 किमी है। ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि वह पंचशील ग्रीन सोसायटी क्यों पहुंचा। हालांकि यह भी आशंका है कि पंचशील ग्रीन सोसायटी में अर्पित का कोई परिचित या मित्र रहता हो। वह यहां देर तक घूमता रहा था। अर्पित के पिता नवीन कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। वह बेटे की मौत से आहत हैं। वह यह भी कह रहे थे कि उनका बेटा सुसाइड नहीं कर सकता। उन्होंने इस मामले में किसी से अधिक बात नहीं की और जेवर स्थित पैतृक गांव बेटे का शव लेकर चले गए। यह भी पता चला कि पढ़ाई में अर्पित काफी होशियार था और उसके परीक्षा में काफी अच्छे अंक आते थे। 

 
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परिजन ने कार्रवाई से किया इनकार 

अर्पित के चाचा दिल्ली क्राइम ब्रांच में निरीक्षक पद पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को मामले में कोई कार्रवाई न करने की बात लिखकर दी है। पड़ताल में पता चला कि मोबाइल गेम खेलने को लेकर अर्पित की मां ने उसे डांटा था। इससे क्षुब्ध होकर अर्पित ने खुदकुशी की है। 
मनोज पाठक, बिसरख कोतवाली प्रभारी 
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