मानसून के दौरान जलजनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस साल अब तक मलेरिया के कुल 107 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि डेंगू के 47 और चिकनगुनिया के अब तक 20 मामले सामने आ चुके हैं। तीनों जलजनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन बारिश के बाद अचानक मलेरिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज होने से डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ गई है।
मलेरिया के 107 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अगस्त में नौ मामले सामने आए हैं। चिकनगुनिया के कुल 20 मामले मामले में से अगस्त में एक मामला आया है। पिछले दो दिनों से लगातार होने वाली बारिश के कारण माना जा रहा है कि मरीजों की संख्या में और तेजी से इजाफा हो सकता है।
पिछले साल की तुलना में मरीजों की संख्या हुई कम
पिछले साल अगस्त से अब तक मलेरिया के 58 मामले सामने आ चुके थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा सात है। मलेरिया के पिछले साल 82 मामले आए जबकि इस साल नौ हैं। चिकनगुनिया के मरीजों का आंकड़ा पिछले वर्ष के मरीजों की संख्या पिछले साल अगस्त में नौ से घटकर एक पर आ गया है।
बचाव के उपाय
-घरों में कूलर, गमले में पानी इकट्ठा न होने दें
-फुल स्लीव के कपड़े पहने, ताकि मच्छरों के डंक से बच सके
-लार्वा मिलने पर छिड़काव के साथ और भी एहतियात
-मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए बरतें एहतियात