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Delhi NCR News: सरोजिनी नगर प्रोजेक्ट के लिए 1,049 पेड़ होंगे शिफ्ट, 42 को काटने की मंजूरी

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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। वन विभाग ने सरोजिनी नगर स्थित जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) परियोजना के पुनर्विकास के लिए 1,049 पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित (ट्रांसप्लांट) करने और 42 पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। वन विभाग के अनुसार, पहले इस परियोजना से 1,218 पेड़ प्रभावित होने वाले थे। जांच के दौरान 48 पेड़ परियोजना क्षेत्र से बाहर पाए गए, जबकि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के निर्देश पर 79 और पेड़ों को बचाया गया है, जिससे संख्या घटकर 1,091 रह गई।


वन विभाग के आदेश के मुताबिक, परियोजना पर काम कर रही एनबीसीसी को द्वारका के भारत वंदना पार्क में 10,910 देसी पौधे लगाने होंगे। साथ ही, ट्रांसप्लांट किए गए सभी पेड़ों की निगरानी कर उनकी जियो-टैग तस्वीरें वन विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। अगर स्थानांतरित किए गए पेड़ जीवित नहीं रहते हैं, तो एजेंसी को अपने खर्च पर 1:5 के अनुपात में नए पेड़ लगाने होंगे।
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घोंसले हों, तो न काटें पेड़
वन विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन पेड़ों पर पक्षियों या अन्य जीवों के घोंसले हों, उन्हें तब तक न काटा जाए, न ही स्थानांतरित किया जाए, जब तक घोंसले खाली न हो जाएं। निर्माण कार्य के दौरान बचाए गए पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। हालांकि फैसले को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के जीवित रहने की दर बहुत कम होती है और इसकी पारदर्शी तरीके से निगरानी नहीं हो पाती। उनका मानना है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और स्थानांतरण से दिल्ली में बढ़ती गर्मी, वायु प्रदूषण और जैव विविधता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। कार्यकर्ताओं ने सरकार से विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने और पेड़ों को बचाने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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