डायल-100 परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग से संबंधित वाहनों को डीजी सीरीज का नंबर मिलेगा। यह नंबर पहले से ही आरक्षित कर लिया गया है। यूपी के परिवहन आयुक्त के. रवींद्र नायक ने इस बाबत जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
दरअसल, यूपी मोटरयान (पांचवां संशोधन) नियमावली 2003 के नियम-2 (2)(एक) के तहत सरकारी वाहनों के लिए पंजीयन चिह्न को आरक्षित करने का अधिकार परिवहन आयुक्त को दिया गया है।
इसी के तहत यूपी-32 डीजी सीरीज के नंबर को 100-डायल परियोजना के तहत आवेदन करने वाले वाहनों के लिए सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
आदेशों में यह भी बताया गया है कि इसमें एक शर्त भी है और यह कि ऐसे वाहन निदेशक, यातायात उत्तर प्रदेश के स्वामित्व में रहेगी और उनके पंजीयन का आवेदन निदेशक, यातायात यूपी अथवा उनकी ओर से अधिकृत यातायात निदेशालय के किसी अन्य अधिकारी की ओर से हो।
यही नहीं विक्रय पत्र भी निदेशक, यातायात के नाम से जारी और प्रस्तुत किया गया हो। खास बात यह कि डीजी सीरीज के नंबर के लिए आरक्षण व्यवस्था एक वर्ष तक रहेगी।
इसके बाद भी अगर उक्त परियोजना हेतु दोबारा वाहनों के पंजीयन की आवश्यकता होती है तो उसके लिए दोबारा आवेदन प्रस्तुत करना होगा।