राजधानी दिल्ली से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसमें, एक 18 साल की युवती का इतनी बार रेप किया गया है कि वो अब वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
युवती इस वक्त बैठने, चलने और बोलने में भी अक्षम है। इसके साथ ही उसके पूरे शरीर पर भी गंभीर चोटें लगी हैं। उसे दिल्ली के गुरू तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस युवती को पश्चिम बंगाल से एक साल पहले लाया गया था। युवती का दावा है कि पिछले 6 महीने से उसके साथ दिन में करीब 10-10 बार अलग-अलग लोग रेप कर रहे थे। डॉक्टरों का मानना है कि उसके गिरते स्वास्थ्य की वजह भी उसके साथ लगातार हुए यौन शोषण हैं।
पैरों में हो चुका है इंफेक्शन
युवती के अनुसार उसे ऋषिकेष, हरिद्वार, मनाली, मंगलोर और ऐसी ही कई जगहों पर ले जाया जाता था। वहां उसे किसी घर में रखकर उसके साथ रेप करवाया जाता था। उसने बताया कि ऐसा उसके साथ 6 महीनों तक लगातार होते रहा और मना करने पर उसे मारा-पीटा भी जाता था।
उसके पूरे पैर पर लगातार यौन शोषण के कारण इंफेक्शन हो गया है और इसे फैलने से रोकने के लिए डॉक्टरों को उनका पस निकालना पड़ा। उसने बताया कि उसका एक रिश्तेदार उसे बंगाल से यहां लाया था।
लेकिन जब उसकी तबियत खराब होनी शुरू हुई तो वो आदमी भी गायब हो गया। इस वक्त अस्पताल में उसकी देखभाल अन्य मरीजों के रिश्तेदार कर रहे हैं क्योंकि उसकी देखभाल के लिए कोई नही है।
कमर के नीचे के अंग काम नहीं कर रहे
शक्तिवाहिनी एनजीओ को उसके गुमशुदगी की जानकारी इस अप्रैल में ही मिली थी और तब से ही एनजीओ उसे ढूंढने की कोशिश कर रहा था। ये तो बीते सोमवार को कोलकाता पुलिस ने उन्हें जानकारी दी कि लड़की तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती है।
शक्तिवाहिनी के अध्यक्ष रविकांत ने बताया कि युवती को सेप्टिक अर्थराइटिस है। इसके साथ ही उसके मुंह के अंदर और बाहर भी कई चोटें हैं जो उसका मुंह बंद करने के दौरान आई हैं। वो अपने कमर के नीचे के अंगों को भी इस्तेमाल कर सकने में मुश्किल महसूस कर रही है।
रविकांत ने दिल्ली महिला आयोग से मांग की है कि वो अस्पताल की फाइलों की जांच करें कि किसने युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और साथ ही उसकी देखभाल के लिए भी किसी की नियुक्ति करे।
इस तरह की हैवानियत का सोमवार के बाद सामने आया दूसरा बड़ा मामला है। पहले में 13 वर्षीय एक किशोरी से भी 6 महीनों तक एक दिन में कम से कम 20 लोगों द्वारा रेप होने का मामला सामने आया था।