दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ हेमंत तिवारी ने बताया कि ईंट बनाने का काम करने वाले उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी सुरेश 22 अगस्त को उत्तर प्रदेश से बहरोड़ जा रहे थे। वह अपनी पत्नी और 4 बच्चों के साथ आईएसबीटी सराय काले खां रुके। जब वह परिवार के सदस्यों के साथ प्लेटफार्म 2 पर सो रहे थे तो रात लगभग 11 बजे उन्हें पता चला कि उनका 6 महीने का बच्चा गायब हो गया है। सरायकालेखां चौकी प्रभारी चंचल ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। पुलिस ने जब बस अड्डे की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो यूपी के फतेहाबाद स्थित पिनाहट देहात निवासी आरोपी वीरभान बच्चे को बस अड्डे से बाहर ले जाता हुआ दिखाई दिया। गिरफ्तार होने पर उसने बताया, बराह निवासी रामबरन ने बच्चे का अपहरण कर लाने के लिए कहा था।
चोरी के बाद कई हाथों में बेचा गया बच्चा
पता चला कि दोनों आरोपी वीरभान, उसका ससुर कालीचरण, रामबरन के साथ मिलकर बच्चे को आगरा स्थित केके अस्पताल के मालिक डॉ. कमलेश के पास ले गए। पकड़े जाने पर डॉ. कमलेश ने बताया कि उसने पैसे के बदले बच्चे को नई आबादी राम नगर निवासी सुंदर को बेच दिया था। पुलिस टीम ने 50 किलोमीटर पीछा करने के बाद उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा से सुंदर को पकड़ लिया। आरोपी सुंदर ने बताया कि उसने अपहृत बच्चे को राजनगर, आगरा निवासी कृष्णा शर्मा और प्रीति शर्मा दो बहनों को बेच दिया था।
इसके बाद, उनके घर पर छापा मार कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके घर से बरामद किया गया। दोनों बहनों ने खुलासा किया कि अपहृत बच्चे को रितु के माध्यम से ज्योत्सना नाम की महिला को बेचा जाना था। आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने नैनीताल में दंपती को एक अन्य नवजात शिशु को भी बेचा है। उस बच्चे का भी नैनीताल से पता लगाया गया। इसके बाद राकेश की पत्नी रितु को गिरफ्तार कर लिया गया।
और भी बेचे गए कई बच्चे
एसआईटी का गठन कर लखनऊ और आगरा में तीसरी बार छापा मारा गया। पूछताछ के बाद आरोपी महिला ज्योत्सना को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसने बताया कि आगरा के एक परिवार को 2 महीने का एक बच्चा बेचा था। बच्चे को पुलिस ने आगरा से सकुशल ढूंढ निकाला। इस बीच सुंदर के ज़रिए रचिता मित्तल उर्फ रुबीना अग्रवाल के जरिए और बच्चा बेचा गया। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया और 2 महीने का एक बच्चा बरामद कर लिया गया।
रचिता की निशानदेही पर आगरा के ही तीसरे परिवार से 10 दिन के एक बच्चे को छुड़ाया गया। जो रचिता और सुंदर सिंह के ज़रिए खरीदा गया था। आगे पूछताछ करने पर सुंदर ने खुलासा किया कि निखिल ने भी 1 साल की बच्ची को उसे सौंपा था। जिसने अगस्त 2025 में बच्ची को फतेहाबाद के एक परिवार को बेच दिया था। बच्ची को कामिनी के कब्ज़े से छुड़ा लिया गया और निखिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कामिनी समेत कुछ फरार तस्करों की तलाश की जा रही है।