उत्तराखंड में छह साल से बीएड, डीएलएड कोर्स की मान्यता पर रोक है। आईटीईपी आने के बाद इसकी मान्यता पर भी रोक लगा दी गई थी। अमर उजाला ने 28 जून को पेज-1 पर ‘उत्तराखंड में एनसीटीई के नए पाठ्यक्रमों पर सरकार की रोक’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
मामला उठने के बाद सरकार ने रोक हटाने का फैसला लिया है। अब कोई भी कॉलेज इन कोर्स के लिए आवेदन कर सकता है। सरकार से एनओसी में कोई परेशानी नहीं होगी। रोक हटने का फायदा प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। वह अपने प्रदेश में ही 12वीं के बाद टीचर बनने की पढ़ाई कर सकेंगे।
हमने एनसीटीई के दो नए आईटीईपी पाठ्यक्रमों से रोक हटा दी है। कॉलेज अपने मानक पूरे करने के बाद आवेदन कर सकते हैं। हमारा मकसद युवाओं को हर नए मौके का लाभ दिलाना है।
-डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री